14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नवजात का सिर हुआ धड़ से अलग; गर्भाशय में फंसा रह गया…. CHC में जबरन प्रसव

Negligence In CHC: नवजात का सिर धड़ से अलग होकर गर्भाशय में ही फंसा रह गया। CHC में जबरन प्रसव के दौरान घटना हुई। जानिए पूरा मामला क्या है?

2 min read
Google source verification
allegations of negligence in chc painful incident during delivery of a seven month pregnant woman basti

CHC में जबरन प्रसव। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Negligence In CHC: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कुदरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र CHC में एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ नर्स ने 7 माह की गर्भवती महिला का जबरन प्रसव कराने का प्रयास किया, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।

जबरन प्रसव कराने की कोशिश, नवजात की दर्दनाक मौत

परिजनों के अनुसार, स्टाफ नर्स ने बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की मौजूदगी के प्रसव प्रक्रिया शुरू कर दी। इस दौरान नवजात को जबरन खींचने की कोशिश की गई, जिससे उसका सिर धड़ से अलग हो गया। इतना ही नहीं, नवजात का सिर गर्भाशय में ही फंसा रह गया, जिससे प्रसूता की हालत और अधिक गंभीर हो गई।

प्रसूता की हालत बिगड़ी, मचा हड़कंप

इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल महिला को रेफर करने का निर्णय लिया।

पहले निजी अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर

घटना के बाद महिला को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गर्भाशय में फंसे नवजात के सिर को बाहर निकाला और महिला का उपचार शुरू किया।

दर्द के इंजेक्शन देने का भी आरोप

कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी महिला सात माह की गर्भवती थीं। सोमवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर उनके पति उन्हें CHC कुदरहा बनहरा लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही महिला स्टाफ ने बिना पूरी जांच के उन्हें दर्द का इंजेक्शन दे दिया, जिसके बाद जल्दबाजी में प्रसव कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी और उचित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन बेहद जरूरी होता है, जिसकी अनदेखी इस मामले में स्पष्ट रूप से नजर आ रही है।

जांच और कार्रवाई की मांग

परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं।