
Lucknow Bus Fire Horror: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार - गुरुवार की रात हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। दिल्ली से बिहार जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस में अचानक आग लगने से पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए। इस भयावह हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संवेदना व्यक्त की और जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य संचालित करने और घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर समुचित इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
यह हादसा लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ पर हुआ, जब बस में आग लग गई। उस समय अधिकांश यात्री नींद में थे और बस काफी स्पीड में थी। आग लगने के बाद बस 1 किलोमीटर तक जलती हुई दौड़ती रही, जिससे अंदर मौजूद यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही लखनऊ जिला प्रशासन हरकत में आया और दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। घायलों को ट्रॉमा सेंटर और अन्य सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरी स्थिति पर नज़र रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम को भी लगाया है, जो न केवल राहत कार्यों की निगरानी कर रही है, बल्कि मृतकों और घायलों की पहचान एवं उनके परिवारों तक सूचनाएं पहुंचाने का कार्य भी कर रही है।
हालाँकि अब तक मुआवज़े को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ₹50,000 तक की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, संबंधित ट्रैवल कंपनी पर लापरवाही का मामला दर्ज करने और उनकी बसों की जांच शुरू करने के आदेश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को बेहद गंभीर मानते हुए परिवहन विभाग को राज्य भर में चल रही प्राइवेट बसों की जांच करने का आदेश दिया है। विशेष रूप से उन बसों की जो लंबी दूरी तय करती हैं और स्लीपर या नाइट सर्विस के रूप में काम करती हैं।
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिला। कई लोगों ने इसे मानव निर्मित त्रासदी बताया, जहाँ लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी ने लोगों की जान ले ली। #JusticeForVictims, #BusFireHorror, और #CMYogiAction जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।