लखनऊ

Lucknow Civic Crackdown: हाउस टैक्स वसूली में लापरवाही पर सख्ती, नगर आयुक्त Gaurav Kumar ने दो इंस्पेक्टर निलंबित

Lucknow House Tax: हाउस टैक्स वसूली में खराब प्रदर्शन पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की। नगर आयुक्त Gaurav Kumar ने दो टैक्स इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए और दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी।

3 min read
Mar 09, 2026
दो टैक्स इंस्पेक्टर निलंबित, दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि; नगर आयुक्त ने अफसरों की लगाई कड़ी क्लास (फोटो सोर्स : नगर निगम Whatsapp News Group)

Lucknow Civic Crackdown Action: लखनऊ में हाउस टैक्स वसूली के लक्ष्य को पूरा करने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खराब प्रदर्शन और राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति न होने के कारण दो टैक्स इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) दी गई है। यह कार्रवाई नगर आयुक्त Gaurav Kumar द्वारा समीक्षा बैठक के बाद की गई।

नगर निगम सूत्रों के अनुसार हाउस टैक्स वसूली की प्रगति की समीक्षा के दौरान कई जोनों में लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम वसूली सामने आई। इस पर नगर आयुक्त Gaurav Kumar ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें

Etawah में डांसर युवकों का आरोप, किन्नर समूह ने जबरन लिंग परिवर्तन का दबाव बनाया

दो टैक्स इंस्पेक्टर निलंबित

कार्रवाई के तहत जोन-6 में तैनात टैक्स इंस्पेक्टर Israr को निलंबित कर दिया गया है। वहीं जोन-3 के टैक्स इंस्पेक्टर Shahan Husain को भी खराब प्रदर्शन के कारण निलंबित किया गया है। नगर आयुक्त के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए Lucknow Municipal Corporation मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में हाउस टैक्स वसूली का प्रदर्शन काफी कमजोर पाया गया था, जिसके चलते यह कठोर कार्रवाई की गई।

दो अन्य अधिकारियों को एडवर्स एंट्री

सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि अन्य अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जोन-8 के टैक्स सुपरिंटेंडेंट Ram Achal को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इसके अलावा अधिकारी Surendra Singh को भी खराब प्रदर्शन के कारण एडवर्स एंट्री दी गई है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि इन अधिकारियों द्वारा हाउस टैक्स वसूली में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई, जिससे राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ।

एसबीएम कार्यालय में समीक्षा बैठक

जानकारी के मुताबिक हाउस टैक्स वसूली की समीक्षा के लिए स्वच्छ भारत मिशन (SBM) कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में नगर निगम के कई जोनों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। बैठक के दौरान नगर आयुक्त Gaurav Kumar ने सभी अधिकारियों से जोनवार वसूली की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। जब आंकड़े सामने आए तो कई क्षेत्रों में लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम वसूली पाई गई। इस पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिकारियों को दी गई सख्त चेतावनी

बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हाउस टैक्स नगर निगम की आय का एक प्रमुख स्रोत है और इसके माध्यम से शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जाते हैं। यदि वसूली लक्ष्य के अनुरूप नहीं होगी तो विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जोनों में हाउस टैक्स वसूली अभियान को तेज किया जाए और बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वसूली बढ़ाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश

नगर आयुक्त ने सभी टैक्स अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बकाया हाउस टैक्स की वसूली सुनिश्चित करें। साथ ही बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ नोटिस जारी करने और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वसूली का प्रतिशत कम है वहां विशेष टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा ताकि लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके।

लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि भविष्य में भी किसी अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त Gaurav Kumar ने कहा कि सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करना होगा। नगर निगम की आय बढ़ाने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए हाउस टैक्स वसूली में तेजी लाना बेहद जरूरी है।

राजस्व बढ़ाने पर जोर

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर के विकास, सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त राजस्व की आवश्यकता होती है। ऐसे में हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य पूरा करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन अब राजस्व संग्रह को लेकर ज्यादा सख्ती बरत रहा है और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहा है।

काम नहीं तो कार्रवाई तय

नगर निगम की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कार्य में लापरवाही या खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की मंशा है कि सख्त कदम उठाकर राजस्व वसूली को बेहतर बनाया जाए और शहर के विकास कार्यों को गति दी जाए। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में हाउस टैक्स वसूली में सुधार देखने को मिलेगा।

ये भी पढ़ें

Haridwar Accident: हरिद्वार के Motichur Flyover, Haridwar पर कई वाहनों की टक्कर, आग और जाम से मची अफरा-तफरी

Also Read
View All

अगली खबर