
Lucknow Mahanagar Murder Case: राजधानी लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र स्थित पेपर मिल कॉलोनी में रविवार को एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां एक मुख्य आरक्षी पर पारिवारिक विवाद के बाद अपनी पत्नी की कथित तौर पर पत्थर से सिर पर कई बार वार कर हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी का व्यवहार भी पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। आरोप है कि पत्नी की मौत के बाद वह अपने छोटे बच्चे को लेकर कई घंटों तक इधर-उधर घूमता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही महानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर महिला का शव फर्श पर पड़ा मिला। उसके सिर के आसपास खून के निशान थे। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित कराया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान करीब 40 वर्षीय रश्मि श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति हिमांशु श्रीवास्तव बताया गया है। हिमांशु लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में सूचना अधिकार प्रकोष्ठ में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात बताया जा रहा है और वर्ष 2011 बैच का पुलिसकर्मी है।
बताया जा रहा है कि हिमांशु और रश्मि की शादी वर्ष 2015 में हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच पारिवारिक विवाद होने की बात सामने आई है। पिछले करीब दो वर्षों से दंपति महानगर थाना क्षेत्र की पेपर मिल कॉलोनी में मकान मालिक अंशुमान श्रीवास्तव के मकान में किराए पर रह रहा था। करीब एक वर्ष पहले उनके घर एक बच्चे का जन्म हुआ था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रविवार को भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बातचीत और कहासुनी के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि हिमांशु ने पत्नी रश्मि के सिर पर पत्थर से कई बार वार कर दिया। सिर में गंभीर चोटें लगने के कारण रश्मि की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर का दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। महिला का शव फर्श पर पड़ा था और उसके सिर के आसपास खून के निशान मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर हत्या में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाले साक्ष्यों को भी कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की।
हालांकि हत्या की पूरी परिस्थितियों और घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस पारिवारिक विवाद को घटना के प्रमुख कारणों में शामिल मानकर विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महानगर पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने घर के अंदर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य, मृतका के शरीर पर चोटों के निशान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा आसपास रहने वाले लोगों और मकान मालिक से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस पूरी घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी पति का कथित व्यवहार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार पत्नी की मौत के बाद आरोपी करीब ढाई घंटे तक मकान मालिक के पास बैठा रहा। इसके बाद वह अपने छोटे बच्चे को लेकर करीब तीन घंटे तक बाहर घूमता रहा। पुलिस अब इस दौरान आरोपी की गतिविधियों और उसके आने-जाने के स्थानों की भी जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि घटना के बाद आरोपी ने क्या किया और किन लोगों से संपर्क किया।
इसी बीच मकान मालिक की ओर से डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना में किरायेदार हिमांशु द्वारा पत्नी की मौत के संबंध में जानकारी दिए जाने की बात सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
मृतका के भाई सौरभ श्रीवास्तव, निवासी तहापुर मालिकपुर, अंबेडकरनगर की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं आरोपी से हिरासत में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है।
आरोपी के पुलिस विभाग में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात होने के कारण यह घटना शहर में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस विभाग के एक कर्मचारी पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगने के बाद मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है। हालांकि कानून की नजर में आरोपी के पद और पेशे से अलग हटकर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना में दंपति का करीब एक वर्ष का बच्चा भी सबसे बड़ा पीड़ित बनकर सामने आया है। मां की मौत और पिता के हिरासत में जाने के बाद बच्चे की देखभाल और भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों में शोक का माहौल है। पड़ोसियों के लिए भी यह घटना बेहद चौंकाने वाली रही। जिस घर में एक परिवार सामान्य रूप से रह रहा था, वहां अचानक हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। आसपास के लोग घटना के बाद से ही सकते में हैं।
जांच के बाद साफ होगी वारदात की पूरी तस्वीर
पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद, घटना के समय घर में मौजूद परिस्थितियां, आरोपी और मृतका के बीच पहले से चल रहे मतभेद तथा वारदात के बाद आरोपी की गतिविधियां जांच के प्रमुख बिंदु हैं।
पुलिस घटनास्थल से मिले फॉरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर मामले की आगे जांच करेगी। पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रविवार को दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और वह किस तरह इतनी गंभीर वारदात में बदल गया।
फिलहाल महानगर थाना पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी मुख्य आरक्षी को हिरासत में लिया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।