उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ का दावा (shikshak mahasangh Claim) , पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटने के बाद कोरोना संक्रमण की वजह से अब तक पूरे प्रदेश में 550 शिक्षकों की हो चुकी है मौत
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने दावा (shikshak mahasangh Claim) किया है कि, पंचायत चुनाव की ड्यूटी से लौटने के बाद कोरोना संक्रमण की वजह से अब तक पूरे प्रदेश में 550 शिक्षकों की मौत हो चुकी है। और महासंघ, पंचायत चुनाव मतगणना को स्थगित कराने की मांग कर रहा है। जीहां, कोरोना वायरस यूपी में किसी को बख्श नहीं रहा है। अब चाहे वो सरकार का बड़ा अफसर हो, मंत्री हो या विधायक या फिर आम जनता। जरा सी असावधानी और बड़ी मुसीबत में फंस गए। कोरोना की वजह से बुधवार शाम को एक भाजपा विधायक, गुरुवार सुबह एक पूर्व मंत्री हाजी रियाज़ अहमद सहित यूपी राजस्व परिषद के अध्यक्ष व वरिष्ठ आईएएस दीपक त्रिवेदी का निधन हो गया है। कोरोना की वजह से अब तक पांच भाजपा विधायकों ने अपनी जान गंवाई है।
उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रदेश सरकार से पंचायत चुनाव की मतगणना स्थगित कराने की मांग की है। शिक्षक महासंघ का दावा है कि कोरोना की वजह से उन जिलों में अधिक शिक्षकों की मौत हुई है, जहां पंचायत चुनाव हो चुका है। पहले चरण में चुनाव वाले प्रयागराज जिले में 28 प्राथमिक शिक्षक एवं 10 माध्यमिक शिक्षकों की मौत हुई। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 550 शिक्षकों का निधन हो चुका है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट ने पंचायत चुनाव की मतगणना में संभावित कोरोना संक्रमण के खतरे से प्रदेश सरकार को आगाह किया है।