Lucknow High Court : लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में बिना अनुमति गिरफ्तारी करने पहुंचे काकोरी थाने के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सुरक्षाकर्मियों से झूठ बोलकर परिसर में घुसने और वकीलों से भिड़ने का आरोप है।
Lucknow High Court :उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस का एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां काकोरी थाने के तीन पुलिसकर्मी किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना, फिल्मी अंदाज में सीधे हाईकोर्ट के अंदर गिरफ्तारी करने पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाने के लिए जरूरी गेट पास तक नहीं बनवाया और सुरक्षाकर्मियों से झूठ बोलकर परिसर में दाखिल हो गए। अंदर हंगामा मचते ही खलबली मच गई।
यह पूरा मामला एक महिला से जुड़ा है, जिस पर गौ-तस्करी का आरोप था। आरोप है कि काकोरी थाने के दो दरोगा उस्मान खान और लाखन सिंह अपने एक सिपाही पुष्पेंद्र सिंह के साथ बिना किसी आधिकारिक सूचना के हाई कोर्ट पहुंच गए। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से उन्होंने झूठ बोलते हुए कहा कि उन्हें एडवोकेट जनरल के दफ्तर जाना है। लेकिन अंदर पहुंचते ही वे सीधे एक वकील के चेंबर में घुस गए, जहां आरोपी महिला मौजूद थी। पुलिसकर्मियों ने वहां महिला को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगे।
जब वकीलों ने इस कार्रवाई का विरोध किया तो पुलिसकर्मी उन्हीं से भिड़ गए, जिसके बाद कोर्ट परिसर में भारी हंगामा मच गया। हालात बिगड़ते देख वकीलों ने तीनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उन्हें कोर्ट के अंदर बनी पुलिस चौकी के हवाले कर दिया। जब मामले की जांच हुई तो पता चला कि इन पुलिसवालों ने ना तो हाई कोर्ट परिसर में अपनी कोई एंट्री कराई थी और ना ही उनके पास अंदर जाकर दबिश देने का कोई अधिकार था। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही इनके खिलाफ विभूतिखंड थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।