Passing Out Parade of Female Soldiers: लखनऊ में 26 अप्रैल को 986 महिला आरक्षियों की दीक्षांत परेड होगी, जिसमें सीएम योगी सलामी लेंगे। आधुनिक प्रशिक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण का बड़ा संदेश दिया जाएगा।
Passing Out Parade Women Constables: राजधानी लखनऊ 26 अप्रैल को एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बनने जा रही है, जब आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत प्रशिक्षित 986 महिला आरक्षियों की भव्य दीक्षांत परेड आयोजित होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं परेड की सलामी लेंगे और प्रशिक्षु महिला आरक्षियों का उत्साहवर्धन करेंगे। यह आयोजन न केवल पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी एक मजबूत संदेश देगा।
यह दीक्षांत परेड लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइंस, महानगर में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम सुबह करीब 8 बजे शुरू होगा और इसमें उच्च अधिकारी, पुलिस बल के वरिष्ठ सदस्य और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। इस परेड को पूरे प्रदेश में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा, जिससे सभी जनपदों, पीएसी वाहिनियों और प्रशिक्षण संस्थानों में इसका सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा।
आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत कुल 60,244 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। इनमें से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की आरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 986 महिला आरक्षियां इस दीक्षांत परेड में हिस्सा लेंगी। यह संख्या इस बात का प्रतीक है कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
इन महिला आरक्षियों को केवल शारीरिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग के हर पहलू में दक्ष बनाया गया है।
यह प्रशिक्षण उन्हें बदलते समय के अनुरूप एक सक्षम पुलिसकर्मी बनने में मदद करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान महिला आरक्षियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ कानून की गहरी समझ भी दी गई।
इन विषयों पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वे समाज के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिसकर्मी बन सकें।
केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी पूरा ध्यान दिया गया।
इसके अलावा योग, खेल और श्रमदान जैसी गतिविधियों के माध्यम से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया गया।
यह दीक्षांत परेड केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तीकरण का एक मजबूत प्रतीक है। पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करती है। इससे महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और न्याय की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलती है।