Lohia Institute Good News: लखनऊ के लोहिया संस्थान में 1010 बेड का सुपर मल्टीस्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर बनेगा। योगी कैबिनेट ने 855 करोड़ की परियोजना को मंजूरी देकर स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात दी।
Lohia Institute Lucknow Hospital: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में 1010 बेड के अत्याधुनिक मल्टीस्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर के निर्माण को मंजूरी दे दी गई।
यह विशाल परियोजना राजधानी के गोमतीनगर विस्तार स्थित शहीद पथ सेक्टर-7 में विकसित की जाएगी। इसके साथ ही नए ओपीडी ब्लॉक और 200 सीटों वाले आधुनिक टीचिंग ब्लॉक का भी निर्माण होगा। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 855 करोड़ 4 लाख 34 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने की आवश्यकता और अधिक महसूस की गई थी। इसी दिशा में अब राजधानी लखनऊ में सुपर इमरजेंसी सेंटर की स्थापना को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। नया अस्पताल आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस होगा। यहां गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं के मरीजों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा. विशेषज्ञों के अनुसार यह अस्पताल प्रदेश के सबसे बड़े इमरजेंसी मेडिकल सेंटरों में शामिल होगा। इससे मरीजों को दिल्ली और अन्य महानगरों का रुख करने की जरूरत कम पड़ेगी।
परियोजना के अंतर्गत बनने वाला मल्टीस्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर पूरी तरह हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा।
जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। अक्सर बड़े हादसों या गंभीर बीमारियों के दौरान मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पाते। ऐसे में यह नया सेंटर बड़ी राहत देगा।
लोहिया संस्थान में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण को भी मंजूरी दी है।
सरकार का दावा है कि नए ओपीडी ब्लॉक से प्रदेशवासियों को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
परियोजना के अंतर्गत 200 सीटों की क्षमता वाला नया टीचिंग ब्लॉक भी बनाया जाएगा। यह ब्लॉक आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों से लैस होगा। मेडिकल छात्रों को यहां उन्नत शिक्षण वातावरण मिलेगा, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण डॉक्टर तैयार करने में मदद मिलेगी।
यह परियोजना सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के मरीजों को इसका फायदा मिलेगा। प्रदेश के कई जिलों में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। ऐसे मरीज बेहतर इलाज के लिए लखनऊ आते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार बड़े फैसले ले रही है।
अब लोहिया संस्थान में बनने वाला 1010 बेड का सुपर इमरजेंसी सेंटर इसी कड़ी का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने बताया कि परियोजना के लिए कुल 855.04 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह परियोजना आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
सरकार के इस फैसले का राजधानी सहित पूरे प्रदेश में स्वागत किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम लोगों का कहना है कि लखनऊ में लगातार बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या को देखते हुए इस तरह के बड़े अस्पताल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लोगों का मानना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि परियोजना पर जल्द काम शुरू किया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया पूरी होने के बाद लखनऊ देश के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी हो जाती है, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।