Lucknow Murder Shock: लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक की हत्या मामले में बेटे की सनसनीखेज साजिश सामने आई। आरोपी ने पिता की हत्या कर सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी कहानी रची।
Pathology Owner Murder Case Follow-Up: लखनऊ में हुए चर्चित वर्धमान पैथोलॉजी मालिक मानवेंद्र सिंह हत्याकांड ने अब ऐसा मोड़ ले लिया है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में सामने आए खुलासों ने इस वारदात को सामान्य हत्या से कहीं अधिक खौफनाक और योजनाबद्ध अपराध बना दिया है। आरोप है कि बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा’ ने अपने ही पिता की हत्या कर ऐसी कहानी गढ़ी, जिसने शुरुआती जांच को पूरी तरह भटका दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्षत प्रताप सिंह ने 20 फरवरी की रात अपने पिता मानवेंद्र सिंह की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे घर में सो रहे थे। हत्या के लिए लाइसेंसी राइफल का इस्तेमाल किया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने जिस तरह से साक्ष्य मिटाने और पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। जांच में सामने आया कि अक्षत बेहद शांत स्वभाव का दिखने वाला युवक था, लेकिन उसने पूरी वारदात ठंडे दिमाग से पहले ही प्लान कर ली थी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक अक्षत कॉलोनी की रामलीला में वर्षों से सक्रिय था। वह ‘रावण’ और ‘परशुराम’ जैसे जटिल किरदार निभाने के लिए जाना जाता था। इतना ही नहीं, वह रामलीला की पूरी स्क्रिप्ट खुद लिखता था और पात्रों का चयन भी करता था। पुलिस का मानना है कि कहानी लिखने और घटनाओं को योजनाबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने की उसकी इसी क्षमता का इस्तेमाल उसने हत्या के बाद किया। उसने ऐसी कहानी बनाई कि शुरुआती दौर में पुलिस भी गुमराह हो गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की विस्तृत योजना बनाई। उसने पहले शरीर के हिस्सों को काटने के लिए आरी का इस्तेमाल किया। इसके बाद शव के टुकड़ों को अलग-अलग पैक किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी करीब 20 किलोमीटर दूर काकोरी क्षेत्र तक गया और वहां कुछ अवशेष फेंक दिए। शेष हिस्सों को नष्ट करने के लिए उसने पहले से तैयारी कर रखी थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी ने वारदात के बाद 10 लीटर तारपिन का तेल और एक नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदा था। पुलिस का अनुमान है कि वह शव के बाकी हिस्सों को जलाकर या रासायनिक तरीके से नष्ट करना चाहता था। सीसीटीवी फुटेज, खरीदारी के बिल और लोकेशन ट्रैकिंग से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद आरोपी पर शक गहराता गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अक्षत ने हत्या के बाद बेहद सामान्य व्यवहार किया। उसने खुद को दुखी बेटा दिखाने की कोशिश की और ऐसी कहानी सुनाई जिससे मामला किसी और दिशा में जाता दिखाई दिया। उसने घटनाओं की टाइमलाइन भी इस तरह बनाई कि संदेह उस पर न आए। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और बयान में विरोधाभास के चलते पुलिस को शक हुआ।
परिजन और पड़ोसी इस मामले में पुलिस की शुरुआती ‘नीट परीक्षा विवाद’ वाली थ्योरी से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि इतनी निर्मम हत्या केवल परीक्षा या पारिवारिक तनाव की वजह से नहीं हो सकती।स्थानीय लोगों के अनुसार पिता और बेटे के बीच किसी गंभीर विवाद की आशंका भी हो सकती है, जिसकी गहराई से जांच की जानी चाहिए।
लखनऊ पुलिस अब इस केस को बहुआयामी दृष्टिकोण से जांच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पारिवारिक संबंध,आर्थिक विवाद,मानसिक स्थिति,संपत्ति से जुड़े पहलू,व्यक्तिगत तनाव सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और आरोपी के दोस्तों से पूछताछ भी जारी है।
जांच एजेंसियां आरोपी की मानसिक स्थिति और व्यवहारिक पैटर्न का भी अध्ययन कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाबद्ध तरीके से अपराध करना और उसके बाद कहानी गढ़ना एक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकेत हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने हत्या की योजना कितने समय पहले बनाई थी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे लखनऊ शहर को स्तब्ध कर दिया है। लोगों के बीच चर्चा है कि एक शिक्षित परिवार का युवक इतनी भयावह वारदात कैसे कर सकता है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।