
महिला के पेट में छोड़ा तौलिया, मौत के बाद नर्सिंग होम बना मैरिज लॉन, संचालक फरार (Source: Police Media Cell)
Hardoi News: हरदोई जिले में सामने आई चिकित्सीय लापरवाही की एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पथरी के ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल तौलिया छोड़ दिए जाने के आरोप के बाद पांच महीने तक संक्रमण से जूझती रही 46 वर्षीय महिला जदुरानी की मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद आरोपी नर्सिंग होम संचालक द्वारा अस्पताल बंद कर उस पर मैरिज लॉन का बोर्ड लगा देने और फरार हो जाने से मामला और भी गंभीर हो गया है।
जानकारी के अनुसार थाना टड़ियावां क्षेत्र की निवासी जदुरानी का करीब पांच माह पहले पथरी का ऑपरेशन सीतापुर रोड स्थित मुरलीपुरवा इलाके के ममता नर्सिंग होम में कराया गया था। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने गंभीर लापरवाही बरती और सर्जिकल तौलिया महिला के पेट के अंदर ही छोड़ दिया। ऑपरेशन के बाद से ही जदुरानी लगातार पेट दर्द, सूजन और कमजोरी की शिकायत करती रहीं। शुरुआत में इसे सामान्य पोस्ट-ऑपरेशन समस्या बताया गया, लेकिन समय के साथ उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
परिजनों के अनुसार जब दर्द असहनीय हो गया तो 5 फरवरी को महिला को दूसरे डॉक्टर के पास ले जाया गया। जांच और स्कैन रिपोर्ट में जो सामने आया उसने परिवार को स्तब्ध कर दिया,महिला के पेट में सर्जिकल तौलिया मौजूद था। डॉक्टरों ने तत्काल दोबारा सर्जरी की और तौलिया बाहर निकाला, लेकिन तब तक शरीर में गंभीर संक्रमण फैल चुका था। लंबे समय तक विदेशी वस्तु पेट में रहने से आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंच चुका था। इलाज के दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और आखिरकार रविवार को उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि ऑपरेशन सही तरीके से किया गया होता या समय रहते जिम्मेदारी स्वीकार की जाती, तो जदुरानी की जान बचाई जा सकती थी। मृतका के पति और परिवार के अन्य सदस्यों ने इसे सीधी चिकित्सीय लापरवाही बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर मृतका के पति ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन बिना पर्याप्त सावधानी के किया गया। मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल ने जिम्मेदारी नहीं ली। लापरवाही छिपाने की कोशिश की गई। परिवार ने दोषी डॉक्टर, नर्सिंग होम संचालक और संबंधित स्टाफ के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
घटना के बाद सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब परिजन और स्थानीय लोग नर्सिंग होम पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल के बाहर लगा बोर्ड हटाकर उसकी जगह “ममता मैरिज लॉन” का बोर्ड लगा दिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार संचालक अस्पताल बंद कर मौके से फरार हो गया है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिले में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बिना योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर बिना पंजीकरण अस्पताल चल रहे हैं,अप्रशिक्षित लोग सर्जरी कर रहे हैं। 24 घंटे इलाज का दावा केवल दिखावा है। आरोप यह भी है कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने का खेल भी चल रहा है।
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Updated on:
03 Mar 2026 02:23 pm
Published on:
03 Mar 2026 02:23 pm
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