
पुलिस बोली-नहीं, ट्रैक किनारे क्रिकेट खेल रहे बच्चों से हुआ हादसा (फोटो सोर्स : लोकल न्यूज़ WhatsApp Group)
Vande Bharat Train Stone pelting on Vande Bharat train in Hardoi: हरदोई जिले में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मेरठ की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर अचानक पथराव की घटना सामने आई। खास बात यह रही कि इस ट्रेन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat भी सवार थे। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
यह घटना हरदोई के कौड़ा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुई, जहां अज्ञात लोगों द्वारा ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की सूचना मिली। पथराव के चलते एक कोच का शीशा टूट गया। हालांकि किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर इसे साजिशन हमला मानने से इनकार किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों के अनुसार, ट्रेन निर्धारित समय पर हरदोई से गुजर रही थी। तभी कौड़ा गांव के पास अचानक एक तेज आवाज हुई और एक कोच की खिड़की का शीशा चटक गया। जांच में पता चला कि बाहर से पत्थर लगने के कारण शीशा टूटा। ट्रेन कुछ देर तक सामान्य गति से चलती रही, लेकिन सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया। ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।
चूंकि ट्रेन में मोहन भागवत भी यात्रा कर रहे थे, इसलिए घटना को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस कोच में शीशा टूटा, वह उस कोच से अलग था जिसमें भागवत सवार थे। फिर भी, वीआईपी मूवमेंट के दौरान इस प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
हरदोई पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद बयान जारी किया कि यह घटना किसी साजिश के तहत नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, ट्रैक के पास कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे और संभवतः उन्हीं के बल्ले से लगा पत्थर ट्रेन की ओर उछल गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौके पर मिले साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि यह सुनियोजित पथराव नहीं था। हालांकि एहतियात के तौर पर क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और बच्चों व उनके अभिभावकों को समझाइश दी गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टूटे हुए शीशे की मरम्मत की जाएगी और ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में इस तरह की घटना को गंभीरता से लिया जाता है। रेलवे ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीण इलाकों में रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार बच्चे खेलते समय अनजाने में ट्रैक के बेहद करीब पहुंच जाते हैं, जिससे इस प्रकार की घटनाएं हो सकती हैं। रेलवे और स्थानीय प्रशासन समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ स्थानों पर लापरवाही सामने आ जाती है।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई। हालांकि पुलिस ने इसे साजिश नहीं बताया है, लेकिन सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और अफवाहें फैलाने से बचें। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस पहले से ही सतर्क थी। घटना के बाद ट्रैक के आसपास के क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय बेहद जरूरी होता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पथराव की घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और ट्रेन सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पत्थर किसी अन्य हिस्से से टकराता या चालक के केबिन की ओर लगता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
Published on:
20 Feb 2026 03:29 pm
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