
स्वीटी’ और ‘मोनिका’ के बर्थडे पर बंटे कार्ड, गांव में हुआ जश्न जैसा माहौल (फोटो सोर्स : X)
Goat Grand Birthday Celebration: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक अनोखी और दिलचस्प खबर सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां सदर तहसील क्षेत्र के गौरा डांडा गांव में रहने वाले पशुपालक लालाराम श्रीवास्तव ने अपनी दो पालतू बकरियों ‘स्वीटी’ और ‘मोनिका’ का जन्मदिन पूरे उत्सव के साथ मनाया। खास बात यह रही कि इस मौके पर गांव में बाकायदा निमंत्रण कार्ड भी बांटे गए और आयोजन किसी पारिवारिक समारोह से कम नहीं था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरानी के साथ-साथ मुस्कुराते भी नजर आ रहे हैं।
लालाराम श्रीवास्तव पेशे से पशुपालक हैं और पिछले कई वर्षों से पशुपालन का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘स्वीटी’ और ‘मोनिका’ उनके लिए सिर्फ बकरियां नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, इन दोनों बकरियों को उन्होंने बचपन से पाला है। वे रोजाना उनकी देखभाल करते हैं, समय पर चारा-पानी देते हैं और बीमारी होने पर इलाज भी कराते हैं। इसी लगाव के चलते उन्होंने इस बार उनका जन्मदिन खास अंदाज में मनाने का निर्णय लिया। लालाराम ने कहा कि हम अपने बच्चों का जन्मदिन मनाते हैं, तो इनका क्यों नहीं? ये भी हमारे परिवार की सदस्य हैं।”
समारोह को खास बनाने के लिए लालाराम ने गांव के लोगों के बीच निमंत्रण कार्ड भी बंटवाए। कार्ड पर ‘स्वीटी’ और ‘मोनिका’ के जन्मदिन का उल्लेख किया गया था और लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया गया था। गांव वालों ने भी इस अनोखे निमंत्रण को उत्सुकता के साथ स्वीकार किया। कई लोग पहले तो इसे मजाक समझते रहे, लेकिन जब कार्यक्रम की तैयारी देखी तो सभी हैरान रह गए।
जन्मदिन के मौके पर घर और आंगन को रंग-बिरंगी झालरों और गुब्बारों से सजाया गया। बकरियों को नहलाकर साफ-सुथरा किया गया और उनके गले में फूलों की माला डाली गई। इसके बाद केक काटा गया। गांव के बच्चों और महिलाओं ने तालियां बजाईं और ‘हैप्पी बर्थडे’ गाया। समारोह में मिठाइयां भी बांटी गईं और हल्का नाश्ता रखा गया। गांव के बुजुर्गों ने भी इस आयोजन की सराहना की और इसे पशुओं के प्रति प्रेम का उदाहरण बताया।
कार्यक्रम का वीडियो किसी ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं,कुछ ने इसे अनोखा और दिल छू लेने वाला बताया। कुछ ने इसे मनोरंजक कहा। वहीं कुछ लोगों ने इसे फिजूलखर्ची भी करार दिया। हालांकि अधिकांश प्रतिक्रियाएं सकारात्मक रहीं और लोगों ने लालाराम के पशु प्रेम की सराहना की।
यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और प्रेम का संदेश भी देता है। अक्सर पशुपालन को केवल व्यवसाय के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि कई लोग अपने पशुओं को परिवार का हिस्सा मानते हैं। लखनऊ के पशुपालक नीरज का कहना है कि पशुओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव से उनकी देखभाल बेहतर होती है और पशु पालक भी अधिक जिम्मेदारी महसूस करते हैं।
गौरा डांडा गांव में यह आयोजन कई दिनों तक चर्चा का विषय बना रहा। बच्चों में खास उत्साह देखा गया, क्योंकि उन्होंने पहली बार किसी बकरी का जन्मदिन मनाते देखा। गांव के एक युवक ने कहा कि हमने इंसानों के बर्थडे तो बहुत देखे, लेकिन बकरियों का जन्मदिन पहली बार देखा। यह यादगार अनुभव रहा।”
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ रहा है। छोटे-छोटे गांवों की घटनाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाती हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि सकारात्मक और रोचक पहलें लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती हैं।
Updated on:
16 Feb 2026 02:15 pm
Published on:
16 Feb 2026 02:10 pm
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