
Saadatganj Shootout: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर मामले में पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के बाद अपर मुख्य सचिव गृह (ACS Home) संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
डीजीपी ने परिजनों को आश्वस्त किया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर गोलीकांड से जुड़े विवादित स्थल पर प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू हो गई है। आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम ETS मशीन लेकर मौके पर पहुंची और नजूल भूमि की पैमाइश शुरू की।
सआदतगंज गोलीकांड की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्ण ने परिजनों के बीच पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी और न्याय की मांग की। अधिकारियों ने उनकी शिकायतों और चिंताओं को गंभीरता से सुना। परिजनों से मुलाकात के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने भरोसा दिलाया कि मामले में पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
पीड़ित परिवार को सबसे बड़ा भरोसा न्यायिक प्रक्रिया को लेकर दिया गया। डीजीपी ने परिजनों से कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे, ताकि मुकदमे का निस्तारण जल्द हो सके। उन्होंने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी का भी आश्वासन दिया। परिवार को सुरक्षा का भरोसा देते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा और शिकायतों पर पुलिस की नजर रहेगी। इस मुलाकात के बाद पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से न्याय और सुरक्षा के संबंध में आश्वासन मिला है।
गोलीकांड के बाद विवादित जमीन को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम विवादित स्थल पर पहुंची। टीम अपने साथ आधुनिक ETS मशीन लेकर आई है, जिसकी मदद से जमीन की वास्तविक सीमाओं और क्षेत्रफल का पता लगाया जा रहा है। मौके पर एलडीए के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य जमीन की स्थिति, उसके स्वरूप और नजूल भूमि से जुड़े तथ्यों की जांच करना है। पैमाइश के दौरान जमीन के अलग-अलग हिस्सों का तकनीकी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई तथ्यों और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर की जा सके।
विवादित जमीन की पैमाइश के लिए इस्तेमाल की जा रही ETS यानी इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन मशीन आधुनिक सर्वेक्षण उपकरण है। इसकी मदद से जमीन की सीमाओं, दूरी, कोण और क्षेत्रफल का सटीक मापन किया जाता है। जमीन से जुड़े विवादों और सरकारी भूमि की पहचान के मामलों में इस तरह की तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सआदतगंज में एलडीए की टीम इसी मशीन के माध्यम से मौके की स्थिति का आकलन कर रही है। सर्वे के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवादित स्थल का कितना हिस्सा नजूल भूमि के अंतर्गत आता है और जमीन की वास्तविक सीमाएं क्या हैं। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी का उद्देश्य सर्वे के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
इस पूरे मामले में नजूल भूमि का सर्वे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नजूल भूमि ऐसी सरकारी जमीन होती है, जिसका स्वामित्व सरकार के पास रहता है और जिसका प्रबंधन निर्धारित सरकारी नियमों के तहत किया जाता है। ऐसे मामलों में जमीन के उपयोग, आवंटन और कब्जे से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाती है। एलडीए की टीम मौके पर पैमाइश के साथ जमीन से संबंधित तथ्यों का परीक्षण कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकेगा। हालांकि, अभी सर्वे की अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आई है और जमीन को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सआदतगंज ट्रिपल मर्डर के बाद जिस तरह पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हुए हैं, उससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक ओर पुलिस हत्याकांड की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन विवादित जमीन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल में जुटा है। ACS होम संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्ण की पीड़ित परिवार से मुलाकात को भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है। वहीं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए प्रयास और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के आश्वासन से परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है।
फिलहाल सआदतगंज गोलीकांड के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ विवादित जमीन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए तकनीकी सर्वे कराया जा रहा है। एलडीए की टीम ETS मशीन के जरिए पैमाइश कर रही है और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अब सबकी निगाहें जमीन की सर्वे रिपोर्ट और हत्याकांड की जांच के अगले चरण पर टिकी हैं। एक तरफ परिवार को जल्द न्याय दिलाने की बात कही गई है, तो दूसरी तरफ नजूल भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। सर्वे पूरा होने और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही विवादित जमीन पर आगे की कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।