लखनऊ

Monsoon Update : लखनऊ में 70 किमी प्रति घंटे की हवाओं से उखड़े पेड़, बिजली ठप; मानसून पर बड़ा अपडेट

Lucknow Weather: लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश ने मौसम बदल दिया। 70 किमी प्रति घंटे की हवाओं से पेड़ उखड़े, बिजली बाधित हुई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

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Jun 13, 2026
मानसून से पहले लखनऊ में मौसम का वार, तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
मानसून से पहले लखनऊ में मौसम का वार, तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

Pre Monsoon strong Winds Hit Lucknow : उत्तर प्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री से पहले ही मौसम ने अपना रौद्र और राहत भरा दोनों रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी, धूल भरी हवाओं और हल्की बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं शनिवार को दूसरी ओर कई इलाकों में पुराने पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई।

पिछले दो दिनों के दौरान प्रदेश के 52 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि इस दौरान आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में नुकसान भी पहुंचाया। प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

लखनऊ में बदला मौसम का रंग

शुक्रवार दोपहर तक राजधानी में तेज धूप और उमस का असर बना हुआ था, लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। शनिवार को कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गई, जबकि कुछ पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए।

तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कुछ क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बिजली विभाग की टीमों ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया।

तापमान में आई गिरावट

मौसम के इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिला। लखनऊ का अधिकतम तापमान एक दिन पहले जहां 39.4 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, वहीं मौसम बदलने के बाद यह घटकर लगभग 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली। बीते कई दिनों से चल रही लू जैसी परिस्थितियों के बाद राजधानीवासियों ने अपेक्षाकृत सुहावने मौसम का अनुभव किया। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी तापमान इसी स्तर के आसपास बना रह सकता है।

दक्षिणी जिलों में बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। हालांकि दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना बनी हुई है। उनका कहना है कि वर्तमान मौसमीय गतिविधियां प्री-मानसून सिस्टम का हिस्सा हैं, जो मानसून के आगमन से पहले अक्सर देखने को मिलती हैं। इन गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव होता है।

रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार से प्रदेशभर में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। बादलों की संख्या कम होने और सूर्य की तीव्रता बढ़ने के कारण तापमान में फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

अधिकांश जिलों में तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके परिणामस्वरूप लोगों को एक बार फिर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों के हटते ही तापमान तेजी से ऊपर जाएगा।

लू का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने सोमवार से प्रदेश के दो दर्जन से अधिक जिलों में लू चलने की संभावना जताई है। पश्चिमी और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुनीता बोहरा ने बताया  कि  पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

लखनऊ मौसम विभाग  के अनुसार पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी पड़ा है। इसी प्रणाली के प्रभाव से मेरठ, आगरा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी, तूफान और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की घटनाएं दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण वातावरण में नमी बढ़ी, जिससे तेज हवाओं और बारिश की स्थितियां बनीं। हालांकि यह प्रभाव स्थायी नहीं रहेगा और कुछ दिनों बाद मौसम फिर शुष्क हो सकता है।

कब पहुंचेगा मानसून

सबसे बड़ा सवाल मानसून की एंट्री को लेकर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि से लगभग चार से पांच दिन देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल अनुमान है कि 22 जून के आसपास प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी और उसके बाद बारिश का दायरा बढ़ेगा। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून के बाद मानसून पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति आगामी दिनों में बनने वाले मौसमीय तंत्र पर निर्भर करेगी।

किसानों और आम लोगों की नजर आसमान पर

मानसून के आगमन को लेकर किसानों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों में लोग भीषण गर्मी से राहत के लिए मानसून की राह देख रहे हैं।

फिलहाल मौसम का यह बदला हुआ मिजाज राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। जहां तेज हवाओं और बारिश ने तापमान कम किया, वहीं आंधी और बिजली व्यवधान ने कई लोगों की मुश्किलें भी बढ़ाईं। अब सबकी निगाहें आने वाले दिनों में मानसून की आधिकारिक दस्तक पर टिकी हुई हैं।