
Lucknow Monsoon Arrival: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून की दस्तक अब बेहद करीब पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से बुधवार के बीच किसी भी समय दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश में पूरी तरह सक्रिय हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून के अंतिम दिनों से लेकर जुलाई के पहले सप्ताह तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
रविवार और सोमवार के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। इस बारिश ने जहां किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, वहीं लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। सबसे अधिक बारिश बहराइच जिले में दर्ज की गई, जहां 104 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा श्रावस्ती में 80 मिलीमीटर बारिश हुई। कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
बारिश के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। सोमवार को आगरा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अलीगढ़ में 42 डिग्री और बांदा में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि 30 जून से एक जुलाई के बीच मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा होगी, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, अंबेडकर नगर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के आगमन के दौरान वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में किसानों, पशुपालकों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबंकी, कासगंज, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
मानसून की दस्तक किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धान की रोपाई का कार्य बारिश के इंतजार में धीमा पड़ गया था। अब बारिश शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर मानसून आने से खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में किसान पहले से ही धान की नर्सरी तैयार कर चुके हैं और अब अच्छी बारिश के बाद रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा। इससे कृषि गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है।
जून के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के कई जिलों में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था। दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक रहने से लोग परेशान थे। लेकिन बीते दो दिनों में हुई बारिश के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला है। तापमान में गिरावट आने से लोगों ने राहत की सांस ली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और कमी आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में लोग घरों के भीतर रहें, मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग न करें और खुले स्थानों में जाने से बचें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ अब लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो जुलाई का पहला सप्ताह पूरे उत्तर प्रदेश के लिए राहत, खुशहाली और अच्छी बारिश लेकर आएगा। इससे न केवल गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि खेती-किसानी और जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।