Panchayat Chunav 2026: पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव के लिए क्या अगले साल तक का इंतजार करना पड़ेगा? जानिए, हाई कोर्ट में कौनसी याचिका दायर हो चुकी है?
Panchayat Chunav 2026: अभी लंबा इंतजार पंचायत चुनाव लड़ने वालों को करना पड़ सकता है। राज्य सरकार की तैयारियों को देखते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अब 26 मई से पहले होने की फिलहाल कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
सरकार ने पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का अभी तक गठन नहीं किया है। फरवरी में आयोग का गठन होने पर भी चुनाव की प्रक्रिया मई-जून से पहले पूरी होने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।
फिलहाल पंचायत चुनाव को लेकर पंचायती राज निदेशालय से लेकर शासन स्तर पर किसी तरह की कोई हलचल तेज होती नजर नहीं आ रही है। हालांकि पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर यह कहते रहते हैं कि उनकी कोशिश है कि जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराएं, लेकिन कैसे, इसका स्पष्ट जवाब देने से अक्सर वह बचते हुए नजर आते हैं। वह कहते हैं कि मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने से पहले तो चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद कम है लेकिन जून तक चुनाव कराए जा सकते हैं। मतपत्र जिलों में छप गए हैं। मतदाता लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी को हो जाएगा।
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट गठन से 2 महीने में आ जाएगी। जिसके बाद सीटों का आरक्षण तय करने में भी करीब 1 महीने और फिर राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने में न्यूनतम 35 दिन का समय चाहिए ही।
हालांकि, SIR और जनगणना की बात कहते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि इसको भी तो सरकार को देखना है। वैसे मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए राजनीतिक गलियारे में ऐसी चर्चा की जा रही है कि अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद ही सरकार पंचायत चुनाव कराना चाहती है। जिससे पंचायत चुनाव के नतीजों का असर किसी तरह से विधानसभा चुनाव पर ना पड़े। हालांकि, ऐसे में इतना जरूर है कि समय से पंचायत चुनाव ना होने पर लोग कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण हाई कोर्ट में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अब तक गठन ना होने पर एक याचिका दायर हो चुकी है। जिसके बाद ऐसा माना जा रहा है कि 26 मई को पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने तक और भी याचिकाएं दायर की जा सकती हैं। पूर्व में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव समय पर ना कराए जाने के मामले में सर्वोच्च अदालत तक का कड़ा रुख रहा है, इसलिए भले ही सरकार चुनाव को लेकर फिलहाल सक्रिय नहीं है लेकिन कोर्ट के आदेश पर तो उसे चुनाव कराना ही होगा। बता दें कि पिछले पंचायत चुनाव में OBC सीटों के आरक्षण के लिए आयोग का गठन नहीं किया गया था।