लखनऊ

दिल्ली हिंसा के लिए मायावती ने अरविंद केजरीवाल से कहा यह, अखिलेश ने राष्ट्रपति से वार्ता के लिए मांगा समय

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर मचे उपद्रव व हिंसा के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति भी सुलगने लगी है।

2 min read
Feb 27, 2020
Akhilesh mayawati

लखनऊ. नागरिकता संशोधन बिल को लेकर मचे उपद्रव व हिंसा के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति भी सुलगने लगी है। विपक्षी दल इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ रहे हैं। तो वहीं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने हिंसा पर दुख जाहिर करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वहां के हालात जल्द सामान्य करने की सलाह दी। उधर कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी दिल्ली के हिंसात्मक प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात के लिए समय मांगा है।

दिल्ली के हालात सामान्य करें केजरीवाल- मायावती

मायावती ने हिंसा को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को वहां के हालात शीघ्र सामान्य करने की सलाह दी है। मायावती ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिलहाल तो दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में पार्टी के विस्तार के बारे में विचार करना छोड़कर दिल्ली पर ध्यान दें। उनको अब तो दूसरे राज्यों की बजाए दिल्ली के हालात सामान्य करने पर ध्यान देना चाहिए। दिल्ली सीएम को भी दूसरे राज्यों में राजनीति करने की बजाए दिल्ली में स्थिति सामान्य करने के लिए अपनी बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।

1984 के दंगों की पुनरावृत्ति है- बसपा सुप्रीमो-

मायावती ने कहा कि दिल्ली में आज हम जो देख रहे हैं, वह तो लंबे समय के बाद 1984 के दंगों की पुनरावृत्ति है। हमें तुच्छ राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत है। अब तो केंद्र को दंगा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। दिल्ली हिंसा की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की जानी चाहिए। मायावती ने कहा कि दिल्ली में राजनीतिक दल गंदी राजनीति कर रहे हैं। केंद्र को बिना किसी हस्तक्षेप के पुलिस और सिस्टम को स्वतंत्र ढंग से कार्य करने देना चाहिए।

अलीगढ़ में लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे, स्थिति तनावपूर्ण-
अलीगढ़ में तो पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते विडियो सामने आए हैं। वहां के जीवनगढ़ में सीएए के विरोध में चल रहे धरने में यह नारे लगाए गए। इतना ही नहीं, हिंसा के सर्मथन में एक बैनर तक लगाया गया। जिसे पर अफसरों की नजर पड़ने के बाद हटा लिया गया। नारेबाजी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन सक्रिय हो गया है। साथ ही वीडियो के आधार पर जिला प्रशासन मुकदमा दर्ज कराने में जुट गया। वहीं जिले में इंटरनेट सेवाएं भी ठप पड़ी हैं। एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने देशविरोधी नारों व हिंसा के समर्थन में लगे बैनर की रिपोर्ट बनाकर आला अफसरों को भेज दी गई है।

Published on:
27 Feb 2020 03:57 pm
Also Read
View All