
UP Lok Sabha Election 2024: पल्लवी पटेल की अपना दल कमेरावादी ने इंडिया गठबंधन (India Alliance) का साथ छोड़ने के बाद अब आगे की रणनीति पर मायावती (Mayawati) की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ काम शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में बसपा प्रमुख मायावती और अपना दल की नेता पल्लवी पटेल के बीच मुलाकात हुई है। सूत्रों की मानें तो दोनों दलों के बीच गठबंधन हो सकता है। होली के बाद एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक फूलपुर लोकसभा सीट से इस बार बसपा और अपना दल कमेरावादी गठबंधन में कैंडिडेट उतार सकते हैं। फूलपुर के अलावा इलाहाबाद सीट पर भी गठबंधन का उम्मीदवार होने की संभावना है। इन दोनों संसदीय सीटों पर अपना दल कमेरावादी का प्रत्याशी होगा। सूत्रों की मानें तो होली के बाद इस गठबंधन का ऐलान किया जा सकता है।
दोनों पार्टियों में गठबंधन को लेकर बात जारी है। यदि यह गठबंधन होता है तो बसपा के साथ कुर्मी यानी पटेल मतदाता के जुड़ने से इन दोनों ही लोकसभा सीटों पर रोचक चुनावी लड़ाई हो सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि फूलपुर वही लोकसभा सीट है जहां पल्लवी पटेल के पिता सोनेलाल पटेल ने कुर्मी मतदाताओं को एकजुट किया था।
बसपा ने फूलपुर सीट पर अंतिम बार साल 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। लेकिन बीते दो चुनावों में बसपा को हार का सामना करना पड़ा है। 2014 और 2019 के आम चुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। यदि अब बसपा और अपना दल कमेरावादी का गठबंधन होता है तो पल्लवी पटेल फूलपुर से चुनाव लड़ेंगी।
हालांकि अभी तक मायावती की पार्टी के ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन जानकारों की मानें तो दोनों पार्टी यहां अनुसूचित जाति और कुर्मी मतदाताओं को साधने की रणनीति के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
पल्लवी पटेल 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिल कर लड़ा था। इसी साल फरवरी महीने में यूपी के 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव के समय अखिलेश यादव और पल्लवी पटेल के बीच मतभेद हुए थे। इसी के बाद दोनों के बीच खींचतान बढ़ती गई। पल्लवी पटेल का इंडिया गठबंधन से अलग हो जाना अखिलेश यादव की पीडीए के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड में कुर्मी समाज की संख्या अच्छी खासी है। जानकारी के लिए बता दें कि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल ने कौशांबी की सिराथू सीट से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शिकस्त दी थी।