लखनऊ

क्रॉस वोटिंग करने वाले बसपा विधायक अनिल सिंह निलंबित, मायावती ने लिया सख्त एक्शन

राज्यसभा चुनाव में बसपा विधायक अनिल सिंह ने क्रॉस वोटिंग करते हुए भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया था...

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Mar 24, 2018
BSP MLA Anil Singh for cross voting

लखनऊ. विरोधी गठबंधन को शिकस्त देते हुए भाजपा ने नौ सदस्यों को राज्यसभा भेजा। भाजपा ने इस जीत में क्रॉस वोटिंग का सहारा लिया। भाजपा के लिए जहां सपा विधायक नितिन अग्रवाल ने क्रॉस वोटिंग की, वहीं उन्नाव के पुरवा से बसपा विधायक ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को हराने का काम किया है। मायावती ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्रॉस वोटिंग करने वाले MLA अनिल सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया है। मायावती ने प्रेसवार्ता में बताया कि बसपा के बागी विधायक अनिल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

मायावती ने राजधानी में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने मशीनरी का गलत उपयोग करते हुए और विधायकों की खरीद-फरोख्त करते हुए बसपा प्रत्याशी को हरा दिया। भाजपा ने एक दलित को हराकर एक धन्नासेठ को राज्यसभा भेज दिया। भाजपा ने सपा-विधायकों को वोटिंग से रोका। विधायकों को खरीद-फरोख्त की।

अनिल सिंह उन्नाव के पुरवा से बसपा विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के लिए पार्टी से बगावत करते हुए क्रॉस वोटिंग की। उन्होंने क्रॉस वोटिंग के जरिये बसपा का पूरा सियासी समीकरण बिगाड़ दिया। नतीजन बसपा प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर करारी हार का सामना करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो क्रॉसिंग वोटिंग करने वाले बसपा विधायक के खिलाफ मायावती खुद कार्यवाही करने जा रही हैं। वह जल्द ही बागी विधायक अनिल सिंह को पार्टी से बर्खास्त करने वाली हैं।

अनिल सिंह ने बिगाड़ दिया सपा-बसपा का समीकरण
वोटिंग से पहले राज्यसभा चुनाव में बसपा कैंडिडेट की जीत सुनिश्चित दिख रही थी, लेकिन ऐन टाइम पर बसपा विधायक अनिल सिंह भाजपा के खेमे में चले गये। उन्होंने खुलेआम बीजेपी को समर्थन का ऐलान कर दिया। चुनाव में उन्होंने बसपा प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा के नौवें कैंडिडेट अनिल अग्रवाल के समर्थन में क्रॉस वोटिंग की। वहीं समाजवादी पार्टी के लिए नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल ने क्रॉस वोटिंग की।

सपा-बसपा ने की थी वोट रद्द करने की अपील
क्रॉस वोटिंग की सुगबुगाहट के बीच अखिलेश यादव ने अपने बागी विधायक नितिन अग्रवाल और मायावती ने अपने विधायक अनिल सिंह का वोट रद्द करने के लिये चुनाव आयोग से शिकायत की। पार्टी ने दलील दी कि इन दोनों ने किसे वोट किया, इस बारे में पार्टी आलाकमान को कोई जानकारी नहीं है, इसलिये इनके वोट रद्द किये जाएं। लेकिन चुनाव आयोग ने इन दनों विधायकों के मत को वैध करार देते हुए उन्हें वोट करने का अधिकार दिया था।

Updated on:
24 Mar 2018 04:16 pm
Published on:
24 Mar 2018 04:05 pm