
Road Accident: आईआईएम रोड स्थित करियर हॉस्पिटल का ड्रेसिंग रूम बुधवार को दर्द और मातृव्यथा की भयावह तस्वीर का गवाह बना। चार वर्षीय हसनैन ड्रेसिंग टेबल पर लेटा दर्द से कराह रहा था और 'अम्मी-अम्मी' कहकर चीख रहा था। उसके कराहते हुए स्वरों से पूरा कमरा गूंज रहा था। कोने में खड़ी उसकी मां नाजिनी दुपट्टे से अपना मुंह और आंखें ढककर रो रही थीं। मासूम को तड़पता देख वह खुद को संभाल नहीं पा रहीं थी। डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार ड्रेसिंग कर रहे थे, पर बच्चे की चीखें हर किसी के दिल को हिला रही थीं।
यह पूरा घटनाक्रम 17 नवंबर की दोपहर का है, जब ठाकुरगंज क्षेत्र में सड़क साफ करने वाली नगर निगम की गाड़ी (रोड स्वीपर) चार वर्षीय हसनैन के पैर पर चढ़ गई। बच्चा अपने पिता मोहम्मद राजू को खाना देने जा रहा था। जैसे ही उसने सड़क पार की, उसी समय सफाई वाहन अनलोडिंग के बाद लौट रहा था और दुर्घटना का शिकार हो गया।
19 नवंबर को डॉक्टरों ने हसनैन के एक पैर का ऑपरेशन किया और दूसरे पैर की ड्रेसिंग की। इस दौरान उसकी हालत देखकर मां बुरी तरह टूट गईं। “बच्चा दर्द में है… मां तो रोएगी ही,” कहते हुए नाजिनी की आवाज भर्रा गई। उन्होंने कहा कि मैं आंखें बंद कर लेती हूं, लेकिन उसके चीखने की आवाज कानों से नहीं जाती। बस अल्लाह से दुआ है,मेरा बच्चा पहले जैसा हो जाए, मुझे और कुछ नहीं चाहिए। परिजनों का कहना है कि बच्चे को गंभीर चोटें आई हैं और उपचार में लगातार कठिनाई आ रही है।
घटना के बाद से ही परिवार ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हसनैन के रिश्तेदार अरमान का कहना है कि डॉक्टरों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। अरमान ने कहा कि बच्चे की हालत खराब है, लेकिन डॉक्टर हर बार पहले पैसे जमा कराने को कहते हैं। बिना एडवांस के न दवाई मिल रही और न इलाज हो रहा है। यह हमारे लिए बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम की कार्यदायी संस्था लखनऊ स्वच्छता मिशन (LSA) ने उपचार कराने का आश्वासन दिया था। हसनैन के मामा अतीक ने बताया कि LSA की ओर से इलाज के लिए 40 हजार रुपये अस्पताल में जमा किए गए हैं, जबकि 25 हजार रुपये नकद दवाइयों आदि के लिए दिए गए, जिससे इलाज चल रहा है।
मोहम्मद राजू सब्जी का ठेला लगाते हैं। 17 नवंबर को उनका बेटा रोज की तरह पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। जैसे ही वह सड़क क्रॉस कर रहा था, तेज रफ्तार सफाई वाहन मौके पर आ गया और बच्चे के पैर को कुचल दिया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। वहीं दूसरी तरफ भीड़ ने वाहन चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
घटना के बाद LSA की टीम अस्पताल पहुंची। परिवार का कहना है कि इलाज का खर्च LSA वहन कर रहा है, लेकिन उपचार की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामा अतीक बताते हैं कि हम लोग हर वक्त डॉक्टरों को बुलाते हैं कि बच्चे को देख लें। इतनी गंभीर चोट है, उसके बावजूद डॉक्टर समय पर नहीं आते। दर्द से मासूम कराह रहा है। हमारा सिर्फ यही कहना है कि पूरा इलाज ठीक तरीके से हो।
सबसे हृदयविदारक क्षण वह रहा जब मां नाजिनी ड्रेसिंग रूम में खड़ी होकर बेटे की चीख सुनती रहीं, पर उसे देख नहीं सकीं। उन्होंने दुपट्टे से अपना चेहरा ढक लिया और लगातार रोती रहीं। बार-बार यही बोल रही थी ,बच्चा दर्द में है… मैं नहीं देख पा रही हूं। अल्लाह उसे पहले जैसा कर दे। डॉक्टरों के अनुसार, हसनैन को ठीक होने में समय लगेगा, पर हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ठाकुरगंज क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सड़क साफ करने वाली गाड़ियां तेज रफ्तार में चलती हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है। कुछ लोगों का कहना है कि सुबह-सुबह सफाई कर्मियों की गाड़ियां बिना हॉर्न दिए तेज गति से निकल जाती हैं। स्थानीय निवासी शमीम अहमद ने कहा कि सड़क पर बच्चे खेलते हैं, लोग चलते हैं। ऐसी गाड़ी को सावधानी से चलाना चाहिए था। यह पहली बार नहीं है जब ऐसी दुर्घटना हुई है।”
पुलिस ने सफाई वाहन के ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। नगर निगम और LSA की टीमें भी जांच कर रही हैं कि दुर्घटना क्यों हुई,गाड़ी तेज चल रही थी या चालक की गलती थी।
हसनैन के मामा अतीक ने बताया कि बच्चा धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। डॉक्टरों ने कहा है कि समय पर इलाज मिलता रहा तो पैर ठीक हो सकता है। हालांकि परिवार अब भी डरा हुआ है कि कहीं बच्चे का भविष्य प्रभावित न हो जाए।