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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे नहीं देना होगा टोल टैक्स! बार-बार सड़क धंसने पर NHAI ने रोकी वसूली

Lucknow Kanpur Expressway: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कमियां पाए जाने के बाद NHAI ने कंसेशनियर, इंडिपेंडेंट इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
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Updated: 5 Aug 2026, 5:02 PM IST
Lucknow Kanpur Expressway
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे (Photo-IANS)

Lucknow Kanpur Expressway Toll Collection Suspended: लखनऊ से कानपुर जाने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिलहाल कोई टोल नहीं लगेगा। सड़क धंसने और जगह-जगह खराब होने की शिकायतों के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल वसूली रोक दी है। जब तक सड़क की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह फैसला लागू रहेगा।

13 जुलाई को हुआ था एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। अभी बीस दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि सोशल मीडिया पर शिकायतें आने लगीं। लोग तस्वीरें और वीडियो डाल रहे थे, जिनमें सड़क के कई हिस्से धंसे हुए दिख रहे थे। ऊपरी परत उधड़ गई थी और पैचवर्क भी नजर आ रहा था। आम लोगों की इन शिकायतों ने एनएचएआई को हिला दिया।

एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाया गया

एनएचएआई ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया। उनकी जगह बरेली की परियोजना निदेशक नवरत्न को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ठेकेदार कंपनी पीएनसी के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कंपनी को करनी पड़ेगी। टोल की भी भरपाई उसी से ली जाएगी।

5 किलोमीटर का लगाया गया डावर्जन

जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर की टीम बुलाई गई है। यह टीम दो दिन में मौके पर पहुंचेगी और एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि मरम्मत का काम 6 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल करीब पांच किलोमीटर का डायवर्जन लगाया गया है। उनका कहना है कि वाहनों की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा है और गाड़ियों की संख्या भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

अगले आदेशों तक नहीं लगेगा टोल

63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर को तेजी से जोड़ने के लिए बनाया गया था। लेकिन इतनी जल्दी सड़क खराब हो जाना लोगों को हैरान कर रहा है। काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। एनएचएआई अब ठेकेदार, इंजीनियर और कई अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर रहा है। यात्रियों को राहत जरूर मिली है क्योंकि टोल नहीं देना पड़ रहा। लेकिन असली राहत तब मिलेगी जब सड़क पूरी तरह ठीक हो जाए और फिर से सुरक्षित सफर शुरू हो।

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5 Aug 2026, 5:02 PM IST
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