
Omprakash Rajbhar Statement on Akhilesh yadav: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट अब राजनीतिक रंग ले रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी है, तो वहीं दूसरी तरफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनावी मैदान में उतरने के लिए ललकारा है। ओमप्रकाश राजभर ने अपने एक्स हैंडल से अखिलेश यादव को खुली चुनौती दे दी है।
ओमप्रकाश राजभर ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव से अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात कही है। उन्होंने कहा, "योगी जी ने अयोध्या से चुनाव लड़ने की आपकी चुनौती स्वीकार कर ली है। अब पीछे मत भगियेगा वरना आपके लोडर कहेंगे कि हमारे नेता एसी, पीसी और ट्विटर से बाहर ही नहीं निकलते हैं।" उन्होंने कहा, आईए महाराज, भरिए अयोध्या जी से नामांकन। लड़िये, इसी बहाने आपको जमीनी सच्चाई तो पता चले कि इटावा, मैनपुरी के यादव लैंड के बाहर आप की स्थिति क्या है। " उन्होंने कहा, "बस आखिर में इतना ही कि पीठ दिखाकर भगियेगा नहीं।"
ओमप्रकाश राजभर ने कहा, "आज भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पावन जयंती है। उन्हें सादर नमन करते हुए आपसे बस यही पूछना चाहता हूं कि आखिर श्रद्धेय लोकनायक के नाम पर बने जेपी एनआईसी जैसा लूट का अड्डा बनाने का जो हसीन सपना पाल था उसे 865 करोड रुपए खर्च करके भी अधूरा क्यों छोड़ दिया।" ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, "बता दीजिए 865 करोड़ में से आपकी जेब में कितना गया। जेपी एनआईसी की संचालन समिति में अपने खुद को रखा। डिंपल जी, धर्मेंद्र जी और सैफई परिवार को क्यों बैठा रखा? जनता के पैसे से बनी इमारत के संचालन में परिवार को क्यों घुसा रखा था? आखिर वहां बनने वाले होटल क्लब जिम की कमाई किसकी जेब में जानी थी? जवाब जरूर दीजिएगा।"
गैरतलब है कि बलरामपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव से कहा था कि वह अयोध्या से नामांकन करने जा रहे हैं और अखिलेश यादव भी नामांकन करें और दोनों एक बार किस्मत आजमा लेते हैं। सीएम योगी ने कहा लड़ाई चेलों से नहीं बल्कि आमने-सामने होनी चाहिए। इसके बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा था कि अयोध्या में चढ़ावा, चंदा, दान चोरों को हराने के लिए हमारा युवा पीडीए प्रहरी ही काफी है। चोरों को क्लीन चिट देने वाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध पानी का पानी तो हुआ नहीं। इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी।