सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है जिससे एक बार फिर भाजपा की किरकिरी होती दिख रही है.
लखनऊ. प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री एसपी गोयल पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने यूपी सरकार में भूचाल ला दिया है। विपक्ष ने तो भाजपा पर निशाना साधना शुरू ही कर दिया है, भाजपा भी इस मसले पर दो खेमों में बटी हुई नजर आ रही है। इसी बीच यूपी के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है जिससे एक बार फिर भाजपा की किरकिरी होती दिख रही है तो वहीं एसपी गोयल की मुश्किलें बढ़ सकती है।
"बिना वजह कोई आरोप नहीं लगाता"
अपनी ही सरकार पर अकसर हमलावर रहने वाले ओमप्रकाश राजभर ने एक मीडिया चैलन से बातचीत में इस मसले पर बताया कि बिना वजह कोई आरोप नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि बीजेपी के ही मंत्री, विधायक व सांसद कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार है। अब अगर आरोप लग रहे हैं साथ ही इतने लोग कह रहे हैं तो कुछ तो बात होगी ही। अभी सीएम ने दो डीएम को सस्पेंड किया, चंदौली के आरटीओ को भी सस्पेंड किया और भी कई लोगों को निलंबित किया है। वहीं जो प्रिंसिपल सेक्रेटरी वाली बात है तो उसमें मैं सिर्फ यही करना चाहूंगा कि बिना वजह कोई आरोप नहीं लगाता है।
प्रमुख सचिव पर आरोप लगाने वाले पर मामला दर्ज-
प्रमुख सचिव पर 25 लाख रुपए घूस मांगने का आरोप लगाने वाले लखनऊ निवासी अभिषेक गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने मामले दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। भाजपा की ओर से कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने पुलिस से अभिषेक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं आज पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। आपको बता दें कि राज्यपाल राम नाईक ने अभिषेक द्वारा मिले शिकायती पत्र के बाद सीएम योगी को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव पर आरोप हैं लखनऊ निवासी अभिषेक गुप्ता ने हरदोई में पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की उनसे मांग की थी। लेकिन इसके लिए प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने अभिषेक से 25 लाख रुपए की मांग की थी।