
लखनऊ : सुभासपा के मुखिया ओपी राजभर ने बुधवार को बड़ा दावा किया था। राजभर ने कहा था पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र तो सिर्फ झांकी हैं। सबसे बड़ा खेल तो यूपी में होगा। राजभर का कहना है कि सपा के सांसद टूटने को तैयार हैं और यह होकर रहेगा। राजभर ने इशारा किया है कि बागी सांसदों का नेतृत्व बलिया का लाल करेगा।
उधर, उत्तर प्रदेश उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ओम प्रकाश राजभर के दावे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि, 'समाजवादी पार्टी के 25-26 सांसद अलग होने को तैयार हैं, लेकिन हम उन्हें बिल्कुल भी अलग नहीं कर रहे हैं। हमें पता है कि वे खुद ही पार्टी से अलग हो जाएंगे।'
राजभर का कहना है कि सपा में टूट की योजना तो पहले से ही थी। लेकिन, जिस तरह सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे वह बहुत आहत है। अब सपा में टूट होकर रहेगी। इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।
राजभर ने अखिलेश यादव से कहा कि अब वह AC, PC और ट्विटर छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू करो। मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया। लेकिन, अब पूरा परिवार सांसद बचाओ अभियान में जुड़ जाए।
ओपी राजभर ने एक ट्वीट में कहा कि हमको लग रहा था कि आप राजनीतिक रूप से कुछ तो समझदार इंसान होंगे ही। मां-बाप के आशीर्वाद से बिदेस में अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हैं। मगर अब पक्का पता लग गया है कि आप निरे 'गोलू' टाइप के इंसान हैं। आपके देसी चाचा लोग आपको निपटाने की पूरी सुपारी ले चुके हैं। आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसकने वाली है।
मगर क्या कहा जाए, यही दुनिया है… हम आपको आगाह कर रहे हैं तो आप हमारा अहसान मानने की जगह उलटे हमारे पर ही रौब गांठ रहे हैं। हमारे फिक्र में दुबले मत होइए… हमारा आप और आपके लोडर कितना भी कुछ चाह लेंगे, तब भी कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे… चिंता अपनी सोने की लंका की कीजिए।
वैसे सोने की लंका तो अब बची नहीं है। बिदेसी भतीजे को गोलू बनाके देसी चाचाओं ने सोने को पहले ही पीतल में बदल दिया है। तो अपनी पीतल की लंका ही बचा लीजिए… मगर लिख लीजिए बचेगी फिर भी नहीं।
समाजवादी पार्टी में कथित टूट को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर निशाना साधा। उन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय राजभर उनके साथ गठबंधन में थे और सपा ने उनकी पार्टी को 19 सीटें दी थीं, जिनमें से छह पर जीत मिली थी।
अखिलेश ने दावा किया कि खुद को भविष्यवाणी करने वाला नेता बताने वाले राजभर ने भाजपा के साथ गठबंधन में 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आधार पर कई लोगों से पैसे भी लिए गए। अब जिन लोगों ने एडवांस दिया था, वे अपने पैसे वापस मांगने के लिए उन्हें तलाश रहे हैं।