लखनऊ

CM योगी का बड़ा फैसला: UP में 7,500 गोवंश आश्रय स्थलों पर बनेगी ऑर्गेनिक खाद, बढ़ेगी आमदनी, मिलेगा रोजगार

उत्तर प्रदेश में गोवंश आश्रय स्थलों (Cow Shelters in UP) पर जैविक खाद का उत्पादन (Organic Fertilizer Production) किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath) सरकार के इस फैसले का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में लोगों की आय बढ़ाना और रोजगार श्रृजित करना है।

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May 12, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo- IANS)

Organic Fertilizer Production in UP: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व वाली सरकार ने गोवंश आश्रय स्थलों (Cow shelters) को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के 7,500 गोवंश आश्रय स्थलों पर जैविक खाद (Organic Fertilizer) का उत्पादन किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से गोवंश आश्रय स्थलों ने निकले अपशिष्ट पदार्थों का निराकरण होगा और आमदनी बढ़ेगी। सरकार का यह कदम काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

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गोवंश आश्रय स्थलों पर बनेगी खाद, रोगजार मिलेगा, आमदनी बढ़ेगी

योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश के लगभग 7,500 गोवंश आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर (Organic Fertilizer Production Centers) के रूप में विकसित करने जा रही है। इसके जरिए किसानों के लिए जैविक खाद (Organic Fertilizer) का उत्पादन किया जाएगा। सरकार के इस कदम से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर खुलेंगे और आमदनी बढ़ेगी।

UP में 12 लाख गोवंश संरक्षित

सरकार का लक्ष्य गोसंरक्षण को केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भावना तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि किसानों की आय, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण रोजगार से जोड़ना है। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के मुताबिक, UP के लगभग साढ़े 7 हजार गो आश्रय स्थलों में इस समय साढ़े बारह लाख गोवंश संरक्षित हैं।

श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार अब इन गोशालाओं को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। गोबर और गोमूत्र-आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।

गोवंश से कितनी खाद बनेगी?

श्याम बिहारी गुप्ता के मुताबिक, अनुमानित एक गाय से प्रतिदिन 5 लीटर गोमूत्र और 10 किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। यही संसाधन जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य गो-आधारित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। इसके अलावा योगी सरकार ने 2000 करोड़ रुपए गोसंरक्षण अभियान के लिए मंजूर किए हैं, जबकि वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।

प्रदेश में 155 गोसंरक्षण केंद्रों पर चल रहा काम

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के मुताबिक, प्रदेश में 155 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी गोआश्रय स्थलों के संचालन से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार की योजना है कि हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण, जैविक खाद निर्माण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा दिया जाए।

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