लखनऊ

‘मुसलमान अकेले BJP को नहीं हरा सकते’, ओवैसी के गठबंधन पर इमरान मसूद बोले- भाजपा को हराना हमारा लक्ष्य

AIMIM Alliance: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ओवैसी के गठबंधन न्योते पर पलटवार करते हुए कहा कि मुसलमान अकेले BJP को नहीं हरा सकते। ओवैसी 4-5 सीटें जीतकर बीजेपी की मदद करते हैं। जानिए सपा-कांग्रेस गठबंधन पर उनका पूरा बयान।
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Updated: 21 Sep 2026, 4:22 PM IST
Imran Masood Statement, SP Congress Alliance,
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (फोटो - एएनआई)

Uttar Pradesh Election 2027: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन पर जल्द फैसला लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन करना है तो उसे फ़ाइनल किया जाए, वरना हम अपनी तैयारी शुरू कर देंगे।

'कांग्रेस के बिना बीजेपी से मुकाबला संभव नहीं'

समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि देश और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल में कांग्रेस के बिना आगे बढ़ना नामुमकिन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ लड़ाई केवल कांग्रेस के नेतृत्व में ही लड़ी जा सकती है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी का नेतृत्व बीजेपी को हराने में पूरी तरह सक्षम है। गठबंधन की बातचीत किससे चल रही है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, लेकिन अगर इसे समय रहते फाइनल नहीं किया गया तो इसका नुकसान सीधे तौर पर जमीन पर कार्यकर्ताओं और संगठन को उठाना पड़ता है।"

'4-5 सीटें जीतकर बीजेपी की राह आसान करती है AIMIM'

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा यूपी में बीजेपी विरोधी मोर्चा बनाने के बयान पर इमरान मसूद ने मुस्लिम मतदाताओं को सतर्क रहने की सलाह दी। मसूद ने कहा कि यूपी का राजनीतिक माहौल हैदराबाद से बिल्कुल अलग है।

उन्होंने चेतावनी दी, "ओवैसी भले ही 4-5 सीटें जीत लें, लेकिन उनका राजनीतिक आधार अंततः बीजेपी को ही सत्ता में लाने का काम करता है। अगर बीजेपी सरकार बनाती है तो सबसे ज्यादा नुकसान मुस्लिम समुदाय को ही उठाना पड़ता है। इसलिए जनता को अपने वोट का इस्तेमाल बहुत समझदारी और चालाकी से करना होगा।"

चुनाव आयोग और 'SIR' नोटिस प्रणाली पर उठाए सवाल

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नोटिस के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में इससे बड़ा हास्यास्पद उदाहरण क्या हो सकता है कि मौजूदा सांसदों, पूर्व मुख्यमंत्रियों और विदेश मंत्री तक को नोटिस भेजे जा रहे हैं।

इमरान मसूद ने तंज कसते हुए कहा, "जब बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों का यह हाल है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जो गरीब और बेरोजगार दो वक्त की रोटी के लिए जूझ रहा है, क्या वह अपने दस्तावेज लेकर दफ्तरों के चक्कर काटता रहेगा? देश की जनता को सिर्फ लाइनों में खड़ा कर दिया गया है और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।"

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21 Sep 2026, 4:22 PM IST
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