पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने भी ट्वीट कर विवेक तिवारी हत्याकांड पर अपनी बात रखी, तो लोगों ने उन्हें ही मर जाने की बात कही
लखनऊ. एप्पल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की मौत के बाद से सेशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। आम लोगों से लेकर विपक्षी दल के नेता भी भाजपा सरकार की आलोचना कर रहे हैं। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने भी ट्वीट कर विवेक तिवारी हत्याकांड पर अपनी बात रखी, तो लोगों ने उन्हें ही मर जाने की बात कही।
ट्वीट करने पर मिला यह जवाब
पंखुड़ी पाठक ने ट्वीट कर कि जाति धर्म के जाल में फंसा कर सरकार द्वारा बेहूदा खूनी खेल खेला जा रहा है। इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने सुमित गुर्जर, जितेंद्र यादव, मुकेश राजभर, मुस्तकीम और नौशाद और अंत में विवेक तिवारी का नाम शामिल किया है। ये सभी उन लोगों के नाम हैं जिन्हें अलग-अलग वजहों से गोली मारी गई थी।
इसी के साथ एक अन्य ट्वीट में कहा है कि मुस्तकीम 22 साल का था और नौशाद 17 साल का था। वर्दी वाले गुडों ने प्रमोशन के लिए उनका कत्ल कर दिया। इस ट्वीट पर एक यूजर पंखुड़ी को जवाब में लिखा है कि काश मुस्तकीम और नौशाद की जगह इन्हें मार दिया होता। वहीं दूसरे यूजर ने इस जवाब का समर्थन कर कहा है कि पंखुड़ी को ही मरना चाहिए था। ट्वीट करने वाली एक यूजर का नाम दिव्या अरोड़ा हैं, जो कि फैशन डिजाइनर हैं। वहीं उनके ट्वीट का समर्थन करने वाले यूजर का नाम मोहित बंसल है, जो कि एटा से नगर मंत्री हैं।
मरवा दो सारे ब्राह्मणों को
इनके जवाब पर पंखुड़ी पाठक ने कहा कि मोदी भक्त ही दूसरों की हत्या की प्रार्थना कर सकते हैं। साथी ही उन्होंने कहा कि अगर वोट बैंक के लिए लोगों की हत्या करवाने से इनको फायदा मिलता है, तो फिर मरवा दो पूरे प्रदेश के ब्राह्मणों को।
गौरतलब है कि विवेक तिवारी की हत्या पर अन्य विपक्षी दलों ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को भाजपा सरकार में एनकाउंटर की हिंसात्मक संस्कृति बताया है, तो वहीं कांग्रेस नेता राज बब्बर ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला है कहा है कि गोलीकांड मामले में सरकार को शर्म आनी चाहिए। सीएम योगी ने पुलिस की वर्दी में गुंडों की फौज पाल रखी है।