लखनऊ

PM Kisan Yojana 20th Installment: 20 जून को किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगी पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त

PM Kisan Yojana : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त 20 जून 2025 को किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान प्राप्त करने के लिए किसानों को 15 जून तक सभी अनिवार्य प्रक्रियाएं, ई-केवाईसी, भूलेख सत्यापन और एनपीसीआई मैपिंग, पूरी करनी होंगी। अंबेडकरनगर जनपद में अब तक 3.98 लाख से अधिक किसान इस योजना के तहत पंजीकृत हैं।
4 min read
Jun 09, 2025
फोटो सोर्स : Patrika : 15 जून तक ई-केवाईसी, भूलेख सत्यापन समेत सभी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश
फोटो सोर्स : Patrika : 15 जून तक ई-केवाईसी, भूलेख सत्यापन समेत सभी औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश

PM Kisan 20th Installment Credited 20 June : किसानों के लिए राहत और खुशखबरी लेकर आ रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 20वीं किस्त की राशि आगामी 20 जून 2025 को किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। यह जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों ने दी। शासन स्तर से योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु पूर्व की भांति इस बार भी फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाइसी, भूलेख सत्यापन और एनपीसीआई मैपिंग जैसी प्रक्रियाओं को पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार जिन किसानों ने अभी तक ये औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, उन्हें 15 जून 2025 तक का समय दिया गया है। निर्धारित तिथि के उपरांत प्रक्रिया पूर्ण न करने वाले किसान आगामी किस्त से वंचित रह सकते हैं।

अंबेडकरनगर में तेजी से बढ़ रहा पंजीकरण

जनपद अंबेडकरनगर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक कुल 3,98,875 किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। कृषि विभाग का अनुमान है कि यह संख्या आगामी 15 जून तक चार लाख से भी अधिक हो सकती है, क्योंकि नए किसान बड़ी संख्या में इस योजना से जुड़ रहे हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार पंजीकृत किसानों में से अभी एक बड़ी संख्या के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, भूलेख सत्यापन अथवा एनपीसीआई मैपिंग की प्रक्रियाएं अधूरी हैं। शासन ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित तिथि से पूर्व सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराई जाए ताकि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।

ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन क्यों है जरूरी

  • 1.ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन के माध्यम से किसानों की पात्रता को सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत यह सत्यापित किया जाता है कि लाभार्थी किसान ही योजना का वास्तविक हकदार है।
  • 2.ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer): यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि किसान का आधार नंबर सही है और उसका बैंक खाता आधार से लिंक है। इससे धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है।
  • 3.भूलेख सत्यापन: इसके माध्यम से यह जांचा जाता है कि किसान के नाम पर वास्तविक कृषि भूमि मौजूद है और वह योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है।

इस प्रक्रिया के तहत यदि कोई विसंगति पाई जाती है तो किसान का नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया जाता है। इसलिए इन औपचारिकताओं का समय से पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।

किसानों के लिए अंतिम अवसर

उप कृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री, भूलेख सत्यापन, आधार लिंक बैंक खाता सत्यापन अथवा ई-केवाईसी लंबित है, उन्हें शीघ्र नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) या कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेनी चाहिए। डॉ. सिंह ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई किसान 15 जून तक प्रक्रिया पूर्ण नहीं करता है तो उसके खाते में 20वीं किस्त की राशि भेजी नहीं जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि प्रत्येक किसान को समय रहते जानकारी मिल सके। ग्राम पंचायतों, ब्लॉक स्तर पर, और विभिन्न किसान संगठनों के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

योजना का उद्देश्य और लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6000 रुपये की धनराशि तीन किस्तों में (प्रत्येक 2000 रुपये) प्रदान की जाती है। अब तक देशभर के करोड़ों किसान इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

  • योजना के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
  • किसानों को सहज व प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • उनकी आय में सुधार लाना।
  • कृषि लागत को आंशिक रूप से संतुलित करना।
  • किसानों को कृषि कार्यों में सशक्त बनाना।

शासन की सख्ती और पारदर्शिता

योजना के तहत शासन स्तर से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई बार ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन जैसे उपाय किए जाते हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न ले। विभाग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में योजना के तहत डुप्लीकेट, मृतक अथवा अपात्र लाभार्थियों को हटाकर बड़ी संख्या में वास्तविक पात्र किसानों को जोड़ा गया है।

किसानों के लिए विभागीय अपील

डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे योजना की गंभीरता को समझें और सभी दस्तावेजों को समय रहते अपडेट कराएं। उन्होंने कहा कि "यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए है। शासन की मंशा है कि हर पात्र किसान को समय से सम्मान निधि का लाभ मिले। अतः कृषकों से अनुरोध है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सभी दस्तावेज अद्यतन करा लें।"

कैसे कराएं आवश्यक औपचारिकताएं पूरी

  • नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ई-केवाईसी और भूलेख सत्यापन कराएं।
  • बैंक में जाकर यह सुनिश्चित करें कि खाता आधार से लिंक है और एनपीसीआई मैपिंग पूर्ण है।
  • अपने ब्लॉक या जिला कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त करें।
  • यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि है तो उसे तत्काल सुधार कराएं।

किसानों में जागरूकता बढ़ाने के प्रयास

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधान, कृषि मित्र, किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से किसानों को सूचना पत्रक, पोस्टर व व्यक्तिगत संपर्क के जरिए जागरूक किया जा रहा है।

Updated on:
09 Jun 2025 10:36 am
Published on:
09 Jun 2025 10:36 am