
बलिया में हत्या के मुकदमे में था वांछित, एसटीएफ वाराणसी फील्ड यूनिट ने गुप्त सूचना पर की कार्रवाई (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP STF Pradeep Verma Arrest:उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने बलिया जिले के सहतवार थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में वर्ष 2012 से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को असम के गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ बलिया में दर्ज गंभीर आपराधिक मामले में लंबे समय से तलाश की जा रही थी। एसटीएफ वाराणसी फील्ड यूनिट की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 23 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के वशिष्ठ थाना क्षेत्र स्थित बजरा पाड़ा रोड से उसे पकड़ा।
एसटीएफ के मुताबिक राजकुमार वर्मा के खिलाफ बलिया के सहतवार थाने में मुकदमा संख्या 280/2012 दर्ज है। यह मुकदमा हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने के कारण पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और बाद में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। लगभग 12 वर्ष तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने के बाद आरोपी के दूसरे राज्य में मौजूद होने की सूचना एसटीएफ को मिली। सूचना की पुष्टि और आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद वाराणसी फील्ड यूनिट की टीम ने असम में कार्रवाई की योजना तैयार की।
एसटीएफ के अनुसार टीम को आरोपी के गुवाहाटी में मौजूद होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर सूचना को विकसित किया और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। 23 सितंबर को गुवाहाटी के वशिष्ठ थाना क्षेत्र स्थित बजरा पाड़ा रोड पर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए की गई कार्रवाई में स्थानीय पुलिस से भी आवश्यक समन्वय किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किए जाने की कार्रवाई शुरू की गई।
एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान राजकुमार वर्मा के पास से 2,400 रुपये नकद और एक आधार कार्ड बरामद होने की जानकारी दी गई है। बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। आरोपी की पहचान और उसके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियों की भी जांच की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी के आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहने और प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (माओवादी) से संपर्क का भी उल्लेख सामने आया है। हालांकि इस संबंध में सामने आई जानकारियों की पुलिस स्तर पर आगे जांच की जा रही है।
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बलिया जिले में कई पुराने मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ वर्ष 2012 में दर्ज हत्या के मामले में उसकी भूमिका और फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों से संबंधित तथ्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हत्या के मुकदमे में वांछित होने के बाद आरोपी ने किन-किन स्थानों पर ठिकाने बदले और इतने लंबे समय तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने के दौरान उसकी गतिविधियां क्या रहीं। इसके साथ ही दूसरे आपराधिक मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत गुवाहाटी की संबंधित अदालत के समक्ष पेश किए जाने की कार्रवाई की गई। एसटीएफ के अनुसार आरोपी को पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाने की प्रक्रिया जारी है। रिमांड मिलने के बाद उसे उत्तर प्रदेश लाकर बलिया पुलिस को सौंपने और संबंधित मुकदमे में आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की संभावना है। ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया इसलिए महत्वपूर्ण होती है क्योंकि किसी दूसरे राज्य से गिरफ्तार किए गए आरोपी को संबंधित राज्य में लाने के लिए न्यायालय की अनुमति आवश्यक होती है। इसी प्रक्रिया के तहत एसटीएफ आरोपी को असम से उत्तर प्रदेश लाने की तैयारी कर रही है।
एसटीएफ की इस कार्रवाई के बाद लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपियों की तलाश को लेकर चलाए जा रहे अभियान पर भी ध्यान गया है। राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी ऐसे मामले में हुई है, जिसमें वह वर्ष 2012 से पुलिस की तलाश में था। इतने लंबे समय तक फरार रहने के बाद दूसरे राज्य से गिरफ्तारी से यह भी सामने आया कि पुलिस और जांच एजेंसियां ऐसे आरोपियों की तलाश में राज्य की सीमाओं से बाहर भी कार्रवाई कर रही हैं। STF की वाराणसी फील्ड यूनिट ने स्थानीय स्तर पर मिली सूचना को विकसित करते हुए गुवाहाटी में कार्रवाई की। टीम ने पहले आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि की और इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत गिरफ्तारी की।
राजकुमार वर्मा की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अगला चरण उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, फरारी के दौरान उसके ठिकानों और कथित आपराधिक संपर्कों से जुड़ा होगा। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में सामने आई नक्सली संगठन से संपर्क की जानकारी की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि आरोपी का वर्ष 2012 के हत्या के मुकदमे के अलावा अन्य मामलों में क्या संबंध रहा है। STF की कार्रवाई के बाद आरोपी को उत्तर प्रदेश लाए जाने की प्रक्रिया जारी है। ट्रांजिट रिमांड और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल 12 साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गुवाहाटी से गिरफ्तारी को एसटीएफ की महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
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Updated on:
24 Sept 2026 08:59 pm
Published on:
24 Sept 2026 08:46 pm
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