
किसानों के लिए शुरू की केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Pradhanmantri Kisan Samman Nidhi) की 11वीं का को लेकर नया अपडेट सामने आया है। दरअसल काफी दिनों से किसान 11वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले दो दिनों में यानी 31 मई को शिमला से 12 करोड़ किसानों के लिए किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त जारी करेंगे। वहीं किसानों के खाते में पीएम किसान निधि के 2000 रुपये ट्रांसफर होंगे। हालांकि इस बीच अपात्रों पर भी खासा नजर रखी जा रही है। वहीं है कि छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर में पीएम किसान सम्मान निधि में किसानों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई है। जिसके बाद कृषि विभाग के अधिकारी लिस्ट से उनका नाम टाने में जुटे हुए है।
इतने किसानों की बढ़ी संख्या
खबरों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर में कृषि विभाग के पास जब क्षेत्र के किसानों की लिस्ट आई तो उसमें लगभग 6 हजार किसानों की संख्या बढ़ी हुई मिली। जिससे अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस मामले के बाद से ही किसानों के नाम का भौतिक सत्यापन कर जांच शुरू कर दी है। लिस्ट में पाए गए फर्जी किसानों का नाम विलोपित किया जा रहा है।
ऐसे हुई गलती
विभाग के अधिकारी ने बताया कि शायद सॉफ्टवेयर की गलती के कारण दूसरे जिले के किसानों का नाम दिखा रहा होगा, लेकिन फर्जी किसानों का नाम लिस्ट में कैसे आया अब इसकी जांच भी की जा रही है और अन्य जिले के किसानों का नाम विलोपित (हटाया) जा रहा है।
अपात्रों से होगी रिकवरी
गौरतलब है कि किसान सम्मान निधि के अंर्तगत 11वीं किस्त का लाभ पाने वालों की लिस्ट तैयार करने के साथ साथ लिस्ट में अपात्रों का नाम काटने की कवायद भी तेजी से चली रही है। इसके लिए देशभर कई जिलों में ऐसे किसानों को रिकवरी का नोटिस भेजा गया है, जो इस योजना के पात्र नहीं है। साथ ही ऐसे किसानों का नाम लिस्ट से भी काटा जा रहा है। दरअसल जांच में पाया गया कि इनकम टैक्स भरने वाले लोग भी केंद्र सरकार की पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे थे।