लखनऊ

मंदिर और मस्जिद पहुंची पुलिस; इस वजह से हटाए गए कई धार्मिक जगहों से लाउडस्पीकर्स

Loudspeakers Removed From Several Religious Places: पुलिस ने कई मंदिर और मस्जिद पहुंच कर वहां से लाउडस्पीकर्स हटवाए। जानें पुलिस ने ऐसा क्यों किया?
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Nov 10, 2025
police arrived at temples and mosques this is why loudspeakers removed from several religious places in lucknow
इस वजह से हटाए गए कई धार्मिक जगहों से लाउडस्पीकर्स। फोटो सोर्स-AI

Loudspeakers Removed From Several Religious Places: धार्मिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकर्स के खिलाफ अभियान में लखनऊ पुलिस ने वजीरगंज इलाके की मस्जिदों और मंदिरों से बिना इजाजत वाले साउंड सिस्टम हटाना शुरू कर दिया।

अब तक हटाए जा चुके 1 लाख से ज्यादा लाउडस्पीकर्स

शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने धर्म गुरुओं को तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर पर रोक लगाने वाले कानून के बारे में बताया। यह अभियान योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई राज्यव्यापी पहल का हिस्सा है। जिसके तहत पूरे उत्तर प्रदेश में पहले ही 1 लाख से ज्यादा लाउडस्पीकर्स हटाए जा चुके हैं।

लखनऊ में कई मंदिर और मस्जिद से हटाए गए लाउडस्पीकर्स

वजीरगंज में पुलिस टीमों ने बिना इजाजत वाले लाउडस्पीकर्स वाली मस्जिदों और मंदिरों का दौरा किया। अधिकारी सबसे पहले गोलागंज की मोलसरी मस्जिद पहुंचे। जहां उन्होंने इमाम से बात की और ऊंचाई पर लगे स्पीकर को हटाने में मदद की। इसके बाद पुलिस की टीम मलका जमानी मस्जिद गई। जहां लाउडस्पीकर का एक और सेट हटाया गया। बटुक भैरव मंदिर में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई। जहां मंदिर के पुजारी को कानूनी गाइडलाइन समझाने के बाद स्पीकर हटा दिए गए।

पूरे इलाके में अभियान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वजीरगंज इलाके में लगभग 40 मस्जिदें हैं। इनमें से ज्यादातर में एक या ज्यादा लाउडस्पीकर लगे हुए थे। टीमों ने हर जगह व्यवस्थित तरीके से दौरा किया। गुइन रोड मस्जिद दौरे के दौरान बंद थी। वहां पुलिस ने स्थानीय मौलवी को बुलाकर परिसर खुलवाया। एक सीढ़ी का इंतजाम किया गया और पुलिस की मदद से लाउडस्पीकर्स हटा दिए गए।

शोर नियंत्रण और विनियमन अभियान

बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने सबसे पहले 2022 में "शोर नियंत्रण और विनियमन अभियान" शुरू किया था। अब तक 1,00,000 से ज्यादा अवैध लाउडस्पीकर्स हटाए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि इस अभियान का मकसद धार्मिक जुड़ाव की परवाह किए बिना शांति, सद्भाव और कानून का पालन सुनिश्चित करना है।

Updated on:
10 Nov 2025 12:39 pm
Published on:
10 Nov 2025 12:39 pm