Prateek Yadav Latest News: 'तो बच जाती प्रतीक यादव की जान', पत्नी अपर्णा यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से जानिए क्या कुछ कहा। देखिए पूरा वीडियो।
Prateek Yadav Latest News:उत्तर प्रदेशकी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल हाल ही में BJP नेता अपर्णा यादव के घर पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपर्णा यादव के पति और सपा संस्थापक परिवार से जुड़े प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इस दौरान राज्यपाल ने परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। अब दोनों के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अपर्णा यादव प्रतीक यादव की बीमारी, इलाज और उनकी अंतिम दिनों की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी देती नजर आ रही हैं।
वीडियो में अपर्णा यादव ने बताया कि प्रतीक यादव को सर्जरी के बाद ब्लड क्लॉट यानी शरीर में खून का थक्का बनने की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा कि जिस डॉक्टर ने उनकी सर्जरी की थी, उसने बताया था कि कंप्रेशन गारमेंट पहनने की वजह से यह परेशानी और बढ़ गई थी। अपर्णा के मुताबिक बाद में मेदांता अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने थ्रॉम्बोसिस की पुष्टि की थी। डॉक्टर्स ने उन्हें तुरंत इलाज शुरू करने और लगातार निगरानी में रहने की सलाह दी थी।
अपर्णा यादव ने राज्यपाल को बताया कि डॉक्टर्स का कहना था कि दवाओं की मदद से शरीर में बने क्लॉट को धीरे-धीरे खत्म किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए समय और सावधानी बेहद जरूरी थी। डॉक्टरों ने प्रतीक यादव को कम से कम पांच से सात दिन अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी थी ताकि दवाओं का असर लगातार मॉनिटर किया जा सके। उन्होंने बताया कि डॉक्टर्स का मानना था कि अगर तीन महीने तक नियमित दवा चलती रहती तो ब्लड क्लॉट धीरे-धीरे खत्म हो सकता था।
अपर्णा यादव ने बातचीत के दौरान कहा कि प्रतीक यादव अस्पताल में भर्ती रहना नहीं चाहते थे। वह बार-बार घर लौटने की जिद करते थे। इलाज शुरू होने के बावजूद उन्होंने सामान्य दिनचर्या जारी रखी। अपर्णा ने बताया कि प्रतीक ऑफिस जाते रहे, दोस्तों से मिलते रहे और रोजमर्रा के काम भी करते रहे। उन्हें लगता था कि वह युवा हैं और जल्दी ठीक हो जाएंगे, इसलिए अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं है।
अपर्णा यादव ने बताया कि 29 तारीख को जब वह एयरपोर्ट पर थीं, तभी प्रतीक यादव का फोन आया और उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है। अपर्णा उन्हें सीधे अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन प्रतीक घर जाने की जिद करने लगे। उन्होंने बताया कि काफी समझाने के बाद एक बार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन एक मई को उन्होंने अस्पताल छोड़ दिया और वापस घर आ गए।
अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि प्रतीक यादव की आदत लंबे समय तक बैठे रहने की थी। ऑफिस में भी वे ज्यादातर मीटिंग्स बैठकर ही करते थे। डॉक्टरों के अनुसार यह आदत भी ब्लड क्लॉट की समस्या को बढ़ाने वाली एक बड़ी वजह हो सकती है।
गौरतलब है कि 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक यादव का निधन हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खून का थक्का जमने को मौत की प्रमुख वजह बताया गया था। उनके निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।