
Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का अचानक निधन हो गया है। इस खबर के सामने आते ही सियासी गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस दुखद घड़ी में सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस घटना को हृदयविदारक बताते हुए लिखा कि प्रतीक यादव का इस तरह अचानक चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है।
अपने संदेश में पूर्व सांसद ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए लिखा है कि हनुमान जी महाराज से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार एवं शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।उन्होंने अपर्णा यादव और पूरे यादव परिवार के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है।
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे और राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते थे। उनकी पत्नी अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही समर्थकों और करीबियों में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग सोशल मीडिया पर उन्हें याद कर रहे हैं और श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' से जूझ रहे थे, जिसके कारण उन्हें हाल ही में लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। इस बीमारी में शरीर के किसी हिस्से से खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन अचानक रुक जाता है और मरीज को सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, खांसी और ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि प्रतीक की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें ICU में रखा गया था, लेकिन वे इलाज पूरा होने से पहले ही घर चले गए थे।
प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक फेफड़ों की एक बेहद गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में शरीर के किसी हिस्से में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में पहुंचकर रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है, जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ, सीने में तेज दर्द और ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसी घातक समस्याएं पैदा होती हैं। इसी के चलते उन्हें हाल ही में लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन वे अपना इलाज पूरा होने से पहले ही अस्पताल छोड़कर घर चले गए थे।