Prateek Yadav Gym Fees : मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके लग्जरी जिम 'आयरन कोर फिट' और बिजनेस साम्राज्य की चर्चा तेज है। जानिए कितनी है उनकी जिम की फीस...।
लखनऊ(Prateek Yadav Gym Fees) : अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का 13 मई को निधन हो गया था। डॉक्टरों ने मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया। आज उनकी अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार में किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी अपर्णा यादव घाट पर फफक-फफक कर रोईं। प्रतीक यादव की बेटी ने 'लव यू पापा' लिखकर एक कार्ड गंगा में विसर्जित किया।
प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक थे। उन्होंने 'आयरन कोर फिट' ब्रांड लांच किया। लखनऊ के पोर्श इलाके गोमती नगर में आयरन कोर फिट जिम खोला। इसका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने यादव ने किया था। यह लगभग 7000 स्क्वायर फीट में फैला हाई-एंड फिटनेस सेंटर बताया गया था, जिसमें विदेशी मशीनें, मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग, एरोबिक्स और आधुनिक फिटनेस सुविधाएं थीं। जब यह जिम खोला गया था, तब काफी सुखिर्यों में रहा था। उनके जिम की चेन लखनऊ में ही नहीं, बल्कि आसपास के कई इलाकों में थी।
इस जिम के उपकरण अमेरिका और इटली से मंगवाए गए थे। इस जिम की फीस 35000 रुपए सालाना बताई जा रही है। प्रतीक यादव सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते थे। वह नियमित रूप से वर्कआउट वीडियो, फ़िटनेस रूटीन और सेहत से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करते थे।
प्रतीक यादव जिम के अलावा लग्जरी कारों के भी काफी शौकीन थे। प्रतीक यादव ने जब पहली बार लैम्बोर्गिनी से लखनऊ की सड़कों पर फर्राटा भरा था तो लोग देखते रह गए थे। उनके पास लग्जरी कारों का बड़ा कलेक्शन भी रहा है।
प्रतीक यादव की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा रियल स्टेट के बिजनेस से आता था। रियल एस्टेट में लगातार पांव जमा रहे प्रतीक ने कमर्शियल और रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स पूरे कराए थे। उनकी कमाई में प्रॉपर्टी डीलिंग, निवेश और बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन वगैरह शामिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट और उनके सहयोगियों के नाम भी विभिन्न कंपनियों में शामिल थे। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, बिल्डकॉन और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी कई कंपनियां शामिल थीं। परिवार के करीबियों का दावा है कि इन कंपनियों का असली नियंत्रण प्रतीक यादव के पास था। इन्हीं कारोबारी गतिविधियों को लेकर समय-समय पर विवाद और मतभेद की खबरें भी सामने आती रही हैं। ये कंपनियां अपर्णा के भाई के सहयोग से संचालित की जाती थीं।