Priyanka Gandhi in UP Politics - प्रियंका गांधी के सामने 2022 में बेहतर प्रदर्शन की चुनौती है क्योंकि यूपी में पिछले चार दशक में कांग्रेस विधायकों की संख्या 269 से 07 पर सिमट गई है
लखनऊ. Priyanka Gandhi in UP Politics- करीब तीन दशक यानी 32 साल से कांग्रेस (Congress)यूपी की सत्ता से दूर है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) व सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के तमाम प्रयासों के बावजूद चुनाव दर चुनाव कांग्रेस की स्थिति खराब होती चली गई। करीब चार दशक पहले जो पार्टी अकेले सत्ता में काबिज होने का दम रखती थी, वह आज यूपी में चौथे नंबर है। 1985 के विस चुनाव में कांग्रेस ने अकेले दम पर 269 सीटें जीती थीं, वर्तमान में पार्टी के पास मात्र 7 विधायक हैं। यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) हैं, ऐसे में उनके सामने चुनौतियों का अंबार है। कांग्रेसी मानते हैं कि यूपी में प्रियंका गांधी ही कांग्रेस को पुनर्जीवित कर सकती हैं। इसके लिए आगामी चुनाव कांग्रेस को प्रियंका को सीएम कैंडिडेट (CM Candidate) घोषित करना होगा।
मनोविज्ञान में ग्रेजुएट प्रियंका गांधी की अपनी स्टाइल है। वह जिस तरीके से लोगों की आवाज उठाती हैं, पीडि़त महिलाओं से मिलती हैं। उन्हें गले लगाती हैं। वह लोगों के जेहन में अमिट छाप छोड़ती है। प्रियंका गांधी की बड़ी खासियत यही है कि वह अपनी दादी इंदिरा गांधी की तरह छोटे से छोटे कार्यकर्ता को उसके नाम और काम से जानती हैं।
सक्रिय राजनीति में प्रियंका की एंट्री
प्रियंका गांधी के पॉलिटिकल करियर की बात करें तो उन्होंने लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर राजनीति की है। 23 जनवरी 2019 से यूपी की राजनीति में सक्रिय हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका का दावा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर अपनी खोई प्रतिष्ठा पाने में कामयाब होगी। लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से प्रियंका गांधी की अगुआई में कांग्रेस पार्टी सड़कों पर है। उन्नाव, उम्भा, हाथरस जैसे कांड हों या फिर लॉ एंड ऑर्डर, कोरोना महामारी व बेरोजगारी जैसे मुद्दे कांग्रेस सामने लाई। प्रियंका कहती हैं हमेशा ही उनका ध्यान यूपी पर है और वह कार्यकर्ताओं के संपर्क में रहती हैं।
गांधी परिवार में सबसे हाजिर-जवाब
गांधी परिवार में सबसे ज्यादा हाजिर-जवाब प्रियंका गांधी अपने सीधे-सपाट बयानों के लिए चर्चित हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 56 इंच के सीना वाला बयान हो या फिर 'बूढ़ी हो चली कांग्रेस' वाले मोदी के बयान पर प्रियंका का मोदी पर पलटवार उनकी लीडरशिप क्वॉलिटी का उदाहरण हैं।
प्रियंका में दिखता है इंदिरा गांधी का अक्स
प्रियंका गांधी के बालों के स्टाइल और उनके स्वभाव को लेकर उनकी तुलना दादी इंदिरा गांधी से भी होती है। कांग्रेसियों का कहना है इंदिरा का अक्श प्रियंका में दिखता है। प्रियंका से इंदिरा गांधी की समानता पर प्रियंका का भी यही जवाब था 'हां मैं उन जैसी हूं। मेरी नाक उनसे मिलती है।'
बच्चों की जिम्मेदारी भी संभालती हैं प्रियंका गांधी
13 साल की उम्र में पहली बार प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा की दिल्ली में मुलाकात हुई थी। इसके बाद लंबी मुलाकातों के बाद दोनों ने रिश्ते के लिए हामी भरी। एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में रॉबर्ट ने बताया था कि उस वक्त उनके पिता इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन बाद में वह मान गए। 18 फरवरी 1977 में प्रियंका ने रॉबर्ट से शादी कर ली। रेहान और मिराया दो बच्चे हैं। बच्चों की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी ही संभालती हैं।
स्कॉटलैंड की हैं प्रियंका गांधी की सास
प्रियंका की सास भी विदेशी हैं। उनके ससुर राजेंद्र वाड्रा मूल रूप से सियालकोट (पाकिस्तान) के रहने वाले थे। बंटवारे के वक्त उनका परिवार मुरादाबाद आकर बस गया। राजेंद्र वाड्रा की शादी स्कॉटलैंड की मॉरीन मैकडोनॉफ से हुई थी। प्रियंका गांधी की एक स्टाइलिश और फैशन डिजाइनर ननद भी हैं जो सोशलाइट तहसीन पूनावाला की पत्नी हैं।
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