मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा भर्ती बोर्ड के गठन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने सोमवार को अपने विभाग से जुडी छह माह की उपलब्धियां बताई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के 1600 और निजी मेडिकल कालेजों में 2550 सीटों पर आवंटन और प्रवेश की प्रक्रिया प्रदेश में पहली बार ऑनलाइन पूरी की गई है। इस प्रक्रिया की भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी सराहना की है। लगभग 42000 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। पिछली बार एमबीबीएस की 1100 सीटें खाली रह गई थी लेकिन इस बार सभी सीटें भर ली गई हैं।
मंत्री ने बताया कि 13 जुलाई को प्रदेश सरकार और भारत सरकार के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। एम्स गोरखपुर को स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति के लिए 36 करोड़ रूपये का प्रावधान प्रदेश सरकार ने किया है। प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कालेजों और संस्थानों में सभी तरह के निर्माण कार्यों के टेडर की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है जिसे सारी प्रक्रिया ऑनलाइन रहे। डाक्टर राम मनोहर लोहिया संस्थान लखनऊ की एमबीबीएस की 150 सीटों को इस वर्ष एमसीआई ने मान्यता दी है और इन सभी सीटों पर काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्रेटर नॉएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अगले वर्ष तक से 100 एमबीबीएस की सीटों पर प्रवेश शुरू किये जाने जाने की तैयारी है। चिकित्सा शिक्षकों की कमी एमसीआई मानकों की के मुताबिक पूरा करने के लिए संविदा के आधार 16 प्रोफेसर, 27 असिटेंट प्रोफेसर, 83 एडिशनल प्रोफेसर और 126 लेक्चरर की नियुक्ति के आदेश शासन ने जारी किये हैं। लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 49 लेक्चरर की नियुक्ति विभिन्न मेडिकल कालेजों में किये जाने के आदेश शासन से हो चुके हैं। फैकल्टी की कमी अभी एक चुनौती है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा भर्ती बोर्ड के गठन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। लगभग 300 लेक्चरर और प्रोफेसरों की नियुक्ति लोक सेवा आयोग के माध्यम से तीन महीने में पूरी कर लिए जाने के प्रयास चल रहे हैं। मंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षकों की अधिवर्षता आयु 65 से बढ़ाकर 70 वर्ष किये जाने पर सरकार विचार कर रही है।