Rahul Gandhi British Citizenship Case : राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता मामले में नया मोड़! इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सुनवाई से खुद को अलग किया। याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर के सोशल मीडिया पोस्ट और कोर्ट पर लगाए आरोपों के बाद जज ने जताई नाराजगी।
लखनऊ : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता (ब्रिटिश नागरिकता) से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने सोमवार को सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
जज ने याचिकाकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर के सोशल मीडिया (X) पर किए गए पोस्ट्स पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि मेरे साथ गलत बर्ताव हुआ है और कोर्ट की छवि खराब की गई है। कोर्ट ने मामले की फाइल मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया, ताकि नई बेंच गठित की जा सके।
कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने याचिका दायर कर दावा किया था कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिकता रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने यूके की एक कंपनी में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था और पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों में हेराफेरी की गई है।
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट एक्ट, विदेशी अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने और CBI जांच का अनुरोध किया था।
18 अप्रैल को आदेश बदलने के बाद विग्नेश शिशिर ने X (पूर्व ट्विटर) पर दो विवादास्पद पोस्ट किए। इनमें उन्होंने जज पर अप्रत्यक्ष रूप से रिश्वत लेने का आरोप लगाया, 'इंटरसेप्टेड कॉल' अपलोड करने की धमकी दी और 'अवैध गठजोड़' का पर्दाफाश करने की बात कही।
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने खुद को मामले से अलग कर लिया है। अब मामले की सुनवाई नई बेंच करेगी। राहुल गांधी को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिस पर 20 अप्रैल को आगे सुनवाई होनी थी, लेकिन जज के रिक्यूजल के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
यह मामला राजनीतिक और कानूनी रूप से काफी संवेदनशील है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनके पास दस्तावेजी सबूत हैं, जबकि राहुल गांधी पक्ष ने अब तक इन आरोपों को खारिज किया है।