
साफ्टवेयर इंजीनियर को नोएडा हिंसा मामले में STF ने किया गिरफ्तार, PC- Patrika
नोएडा : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में 13 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा और आगजनी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। STF ने इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद उर्फ रस्टी को तमिलनाडु के त्रिच्चुरापल्ली (तिरुचिरापल्ली) रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है।
STF की जांच में खुलासा हुआ कि हिंसा पहले से प्लान की गई थी। 30 मार्च से 1 अप्रैल 2026 के बीच नोएडा के सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार में आरोपी आदित्य आनंद के घर पर कई गुप्त बैठकें हुईं। इन बैठकों में मजदूर बिगुल, दिशा स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन, भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी (RWPI), नौजवान भारत सभा (NBS) और एकता संघर्ष समिति** जैसे संगठनों के सदस्य शामिल थे। इन संगठनों ने श्रमिक आंदोलन के नाम पर हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की साजिश रची थी।
आदित्य आनंद कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह NIT जमशेदपुर से वर्ष 2020 में B.Tech पास किया हुआ उच्च शिक्षित सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उसका चयन Genpact कंपनी में हुआ था, जहां उसने नोएडा और गुरुग्राम में काम किया। पूछताछ में उसने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक के जरिए ‘मजदूर बिगुल’ से जुड़ा और धीरे-धीरे क्रांतिकारी विचारधारा की ओर आकर्षित हो गया।
हिंसा के बाद पुलिस आदित्य की तलाश कर रही थी। 16 अप्रैल को गौतमबुद्धनगर न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भागकर चेन्नई पहुंचा और वहां से त्रिच्चुरापल्ली जा रहा था। STF नोएडा इकाई ने 18 अप्रैल की रात 1:40 बजे रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उसे ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है।
आदित्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएं 191(1), 191(2), 115(2), 121(1), 121(2), 125(1), 351(3), 352, 61(2) तथा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
Published on:
18 Apr 2026 09:32 pm
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