लखनऊ

Summer Holidays: गर्मी की छुट्टियों में रेलवे का बड़ा प्लान, लखनऊ रूट से चलेंगी 57 स्पेशल ट्रेनें

Railway: गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए रेलवे ने लखनऊ रूट से 57 स्पेशल ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

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Mar 31, 2026
गर्मी की छुट्टियों के लिए रेलवे का बड़ा प्लान, 57 स्पेशल ट्रेनों का प्रस्ताव (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Summer Holidays Special Trains: गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उत्तर रेलवे और संबंधित जोनों ने मिलकर 57 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इन ट्रेनों का संचालन लखनऊ के रास्ते उत्तराखंड, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह तक रेलवे बोर्ड से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। अनुमति मिलते ही ट्रेनों के संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी और रैक तैयार कर इन्हें ट्रैक पर उतार दिया जाएगा।

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पर्यटन सीजन को ध्यान में रखकर तैयारी

गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ घूमने निकलते हैं। खासतौर पर उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश और काठगोदाम, साथ ही जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर यात्रियों का रुझान बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह व्यापक योजना तैयार की है। लखनऊ, जो उत्तर भारत का एक प्रमुख जंक्शन है, इन सभी रूटों के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। इसलिए यहां से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

कई रूटों पर अब भी लंबी वेटिंग

हालांकि होली के बाद दिल्ली और मुंबई रूट पर यात्रियों की भीड़ में कुछ कमी आई है और वेटिंग लिस्ट घटने लगी है, लेकिन देहरादून, ऋषिकेश और काठगोदाम रूट पर अब भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है।बाघ एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस और काठगोदाम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की परेशानी का कारण बनी हुई है। टिकट कन्फर्म न होने से लोग अपनी यात्रा योजनाओं को लेकर असमंजस में हैं। इसी तरह जम्मू और पूर्वोत्तर की ओर जाने वाली ट्रेनों में भी सीटों की भारी कमी देखी जा रही है। गुवाहाटी और कोलकाता रूट पर भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्पेशल ट्रेनों से मिलेगी राहत

रेलवे का मानना है कि 57 स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इन ट्रेनों में जनरल, स्लीपर और एसी कोच शामिल किए जाएंगे, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को सुविधा मिल सके। इसके अलावा, फर्स्ट एसी और सेकंड एसी कोच भी स्पेशल ट्रेनों में लगाए जाने की योजना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इन ट्रेनों का टाइम टेबल यात्रियों की मांग और भीड़ के अनुसार तय किया जाएगा, ताकि अधिकतम लोगों को फायदा मिल सके।

रेगुलर ट्रेनों में भी बढ़ेंगी बोगियां

केवल स्पेशल ट्रेनें चलाने तक ही रेलवे की योजना सीमित नहीं है। नियमित ट्रेनों में भी अतिरिक्त बोगियां जोड़ने की तैयारी की जा रही है। जम्मू, देहरादून, गुवाहाटी और कोलकाता जैसे रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे, ताकि मौजूदा ट्रेनों में भी अधिक यात्रियों को समायोजित किया जा सके। यह कदम उन यात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जो नियमित ट्रेनों से ही यात्रा करना पसंद करते हैं।

जल्द मिल सकती है मंजूरी

रेलवे बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी मिल सकती है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, संबंधित जोनों को तुरंत निर्देश जारी कर दिए जाएंगे और ट्रेनों के संचालन की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और टिकट समय पर बुक करें। स्पेशल ट्रेनों के संचालन की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, यात्रियों को यह भी सुझाव दिया गया है कि वे भीड़-भाड़ वाले समय से बचकर यात्रा करें और अपनी सुविधानुसार ट्रेन का चयन करें।

आर्थिक और पर्यटन पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। लखनऊ जैसे शहर, जो एक प्रमुख ट्रांजिट हब है, वहां भी यात्री आवागमन बढ़ने से व्यापार और सेवाओं में वृद्धि होगी।

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