राजभवन को लिखे अपने पत्र में राज बब्बर ने कहा है आये दिन सूबे में अपराध बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन ऐसी क्या मजबूरी है कि राज्यपाल मौन हैं?
लखनऊ. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने यूपी की कानून-व्यवस्था बदहाल बताते हुए राज्यपाल राम नाईक से हस्तक्षेप की मांग की है। राजभवन को लिखे अपने पत्र में राज बब्बर ने कहा है आये दिन सूबे में अपराध बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन ऐसी क्या मजबूरी है कि राज्यपाल मौन हैं? उन्होंने कहा कि 'राजभवन जीवंत और स्पंदनशील संस्थान है, जनता ने जिसकी सक्रियता को हमेशा ही महसूस किया है, लेकिन इन दिनों आजकल राजभवन भी मौन महसूस किया जा रहा है।'
राज्यपाल को भेजे पत्र में राज बब्बर ने कहा है कि सूबे का मौजूदा माहौल से प्रदेश की जनता भयभीत होने लगी है। यह विडम्बना ही है कि गृह विभाग राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ के पास ही है, बावजूद इसके क्राइम की घटनाओं को रोकने में वह असफल साबित हो रहे हैं। कहा कि जिनकी जिम्मेदारी जनता को सुरक्षित वातावरण देने की है, वह लोग अक्षम साबित हो रहे हैं। राज्य में लगातार हत्या, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन राज्य सरकार मूकदर्शक बनी है। कुर्सी बची रहे, इसके लिए मुख्यमंत्री दिन-रात बीजेपी के चुनावी सरोकारों में लगे हैं। अब उनसे यूपी नहीं सभल रहा है।
'क्राइम कैपिटल' बनने की राह पर लखनऊ
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजधानी के गोमतीनगर में हुए विवेक तिवारी हत्याकांड ने जहां सरकार की 'एनकाउंटर' पर सवाल खड़ा किया है, वहीं बेखौफ बदमाशों द्वारा दो सगे भाइयों की पीट-पीट कर की गई हत्या ने साबित कर दिया है कि लखनऊ अब 'क्राइम कैपिटल' बनने की राह पर है। राज बब्बर ने कहा कि जब राजधानी का यह हाल है तो सूबे के दूसरे जिलों की स्थिति क्या होगी?
राज्यपाल सरकार को दें निर्देश
राज्यपाल को लिखे पत्र में राज बब्बर ने कहा कि बड़े ही बोझिल दिल आपका ध्यान उत्तर प्रदेश की दयनीय कानून-व्यवस्ता की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। सूबे में क्राइम बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी है। मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम के बावजूद आरोपियों अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। राज बब्बर ने कहा कि सूबे की कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए अब राज्यपाल सक्रियता दिखाएं, साथ ही सरकार की शिथिलता के कारण जितने भी नागरिकों के जान-माल की क्षति हुई है, उनको मुआवजे दिये जाने के लिए राज्यपाल राज्य को को निर्देशित करें।