
Happy Birthday Rajnath Singh: देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) का आज यानी 10 जुलाई जन्मदिन हैं। करीब 5 दशक से सक्रिय राजनीति में अपनी सादगी, शांत स्वभाव और संगठनात्मक क्षमता के लिए पहचान बनाने वाले राजनाथ सिंह का राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश के CM से लेकर देश के गृह मंत्री और अब रक्षा मंत्री तक, कई रोचक घटनाओं से भरा रहा है। इनमें से एक किस्सा उनकी राजनीतिक यात्रा से जुड़ी उस भविष्यवाणी का है, जिसकी चर्चा आज भी होती है।
राजनाथ सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले (तत्कालीन वाराणसी मंडल) के चकिया तहसील स्थित बभौरा गांव में एक किसान परिवार में हुआ। उन्होंने शुरुआती शिक्षा गांव में पूरी करने के बाद गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) में स्नातकोत्तर किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मिर्जापुर के एक कॉलेज में फिजिक्स के लेक्चरर भी रहे। छात्र जीवन के दौरान ही उनका झुकाव सामाजिक और राष्ट्रवादी विचारधारा की ओर हो गया था।
राजनाथ सिंह महज 13 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए थे। उन्होंने लंबे समय तक संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। बाद में जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से प्रभावित होकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा और जनसंघ व फिर जनता पार्टी के साथ काम किया।
साल 1975-77 की इमरजेंसी के दौरान राजनाथ सिंह भी कई विपक्षी नेताओं की तरह जेल भेजे गए थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात RSS के वरिष्ठ नेता राम प्रकाश गुप्त से हुई। कहा जाता है कि एक दिन राम प्रकाश गुप्त ने राजनाथ सिंह की हथेली देखकर कहा कि वह भविष्य में बहुत बड़े नेता बनेंगे।
जब राजनाथ सिंह ने मुस्कुराते हुए पूछा कि "कितने बड़े?", तो राम प्रकाश गुप्त ने जवाब दिया, "मुख्यमंत्री जितने बड़े।" उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह बात आगे चलकर सच साबित होगी।
करीब ढाई दशक बाद वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ। BJP ने तत्कालीन मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्त को हटाकर राजनाथ सिंह को प्रदेश की कमान सौंप दी। इस तरह जिस नेता ने कभी उनके CM बनने की भविष्यवाणी की थी, उसी के स्थान पर राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री बने। यही वजह है कि यह घटना आज भी उनकी राजनीतिक यात्रा का सबसे चर्चित किस्सा मानी जाती है।
राजनाथ सिंह ने 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर अपना पहला चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद वह पार्टी से जुड़े और संगठन के साथ-साथ सरकार में भी कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।
राजनाथ सिंह साल 2000 से 2002 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद वह कई बार राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य चुने गए। 2009 में गाजियाबाद से लोकसभा पहुंचे, जबकि 2014, 2019 और 2024 में लखनऊ से सांसद चुने गए। नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi) के पहले कार्यकाल में उन्होंने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और वर्तमान में देश के रक्षा मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।
सादगी और संगठनात्मक क्षमता से बनाई अलग पहचान
करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक जीवन में राजनाथ सिंह ने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। शांत स्वभाव, संतुलित बयानबाजी और सर्वस्वीकार्य छवि के कारण उन्हें भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में गिना जाता है। उनके जन्मदिन पर उनकी राजनीतिक यात्रा का यह दिलचस्प किस्सा आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।