
Ram Mandir Donation Dispute Row Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संसद परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा भगवान श्रीराम के प्रति सम्मान और आस्था रखती है। उन्होंने कहा कि किसी की भावनाओं को आहत करने का न तो कभी प्रयास किया गया और न ही ऐसा कोई इरादा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए और पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी चाहिए।
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव द्वारा संसद में साधु के वेश में किए गए विरोध प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ट्रस्ट सदस्य की वेशभूषा में संसद पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी के आरोप लगे हैं, लेकिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी मुद्दे को उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया गया।
राजद सांसद मीसा भारती ने कहा कि केवल सांसद ही नहीं, बल्कि देश के लोग भी यह जानना चाहते हैं कि राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले में क्या हुआ और यह कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
RJD सांसद संजय यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब उसी मंदिर से जुड़े दान को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट किसके नियंत्रण में है और इस मामले में जवाबदेही किसकी है, इस पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सवाल पूछे जाएंगे।
राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि संसद और संविधान की गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान विपक्ष के नेता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार देता है। साथ ही उन्होंने अनुराग ठाकुर को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि कील लगी लाठियों के इस्तेमाल की भी पुष्टि हुई है। उन्होंने दावा किया कि मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पुलिस को पैलेट गन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती। ऐसे में इसके इस्तेमाल की अनुमति किसने दी, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।