
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम और इस्तीफे को महज एक दिखावा करार दिया।
सपा सांसद रुचि वीरा ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की बात कहना एक भद्दे मजाक के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर मंदिर और चंदे की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी उनके राज में इतनी बड़ी चोरी हो गई और अब नैतिकता का ढोंग रचा जा रहा है।
रुचि वीरा ने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि "एक तरफ चौकीदार ने जनता से तरह तरह के बड़े-बड़े वादे किए और तीन बार सत्ता हासिल की, लेकिन दूसरी तरफ उसी चौकीदार के राज में अब राम मंदिर में चोरी की घटनाएं हो रही हैं।" उन्होंने कहा कि यह देश भर के करोड़ों राम-भक्तों की गहरी आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ है। सांसद ने स्पष्ट मांग की कि अब चौकीदार को सामने आकर इस पूरी घटना पर जवाब देना चाहिए।
सपा सांसद ने पुलिस की जांच और कार्रवाई की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि ताकतवर और रसूखदार लोगों को बचाने के लिए कमजोर लोगों को मोहरा नहीं बनाया जाएगा। रुचि वीरा ने कहा कि असली दोषियों को सजा मिलनी चाहिए और किसी बड़े नेता या अधिकारी के किए गए पाप की सजा किसी निर्दोष या कमजोर को नहीं मिलनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने और ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें एसआईटी जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।