लखनऊ

अखिलेश यादव के लिए इस सपा नेता ने कहा- सत्ता पाने के लालच में किस हद तक गिर सकते हैं..

महागठबंधन के लिए व भाजपा को हराने के लिए सपा मुखिया द्वारा दिया गया ये बयान सपा नेताओं के गले नहीं उतर रहा हैं.
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Updated: 12 Jun 2018, 6:32 PM IST
Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा कम सीटों में बसपा से समझौता कर गठबंधन को 2019 तक ले जाने वाले बयान से सपा के कुछ नेता असंतुष्ट हैं। महागठबंधन के लिए व भाजपा को हराने के लिए सपा मुखिया द्वारा दिया गया ये बयान सपा नेताओं के गले नहीं उतर रहा हैं और इसके चलते उन्होंने अखिलेश के खिलाफ ही बयान देना शुरू कर दिया है। इन्हीं में से एक हैं मुलायम सिंह यादव के करीबी और समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य डॉ. सीपी राय जिन्होंने अखिलेश को सत्ता का लोभी तक करार दे दिया है। आपको बता दें कि अखिलेश ने इटावा में साफ कहा कि भाजपा को हराना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्हें सीटों की चिंता नहीं है। अगर सीटों उन्हें कम भी मिलती हैं, तब भी वो संतुष्ट हैं और गठबंधन जारी रहेगा। अखिलेश के इस बयान से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

अखिलेश समाजवादी आंदोलन को बर्बाद कर रहे हैं-

एक मीडिया चैनल से बात में डॉ. सीपी राय ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के लालच में अखिलेश समाजवादी आंदोलन को बर्बाद कर रहे हैं। असली समाजवादी लोग अखिलेश के इस फैसले को कभी नहीं मानेंगे।अखिलेश बसपा के सामने झुककर अपने पिता मुलायम सिंह यादव का भी अपमान कर रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि मैं 32 साल मुलायम सिंह यादव के साथ रहा हूं। मुझे मिला ही क्या है?, लेकिन मैं सपा को बर्बाद करने की साजिश रचने वालों के खिलाफ अंतिम सांस तक लडूंगा। डॉ राय ने आगे कहा कि अखिलेश सत्ता पाने के लिए बैसाखियों की तलाश कर रहे हैं। वो न तो अपने पिता, चाचा और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ताओं से कोई बातचीत कर रहे हैं।

सिर्फ सत्ता पाने के लालच में हम किस हद तक गिर सकते हैं-

उन्होंने कहा कि वो तमाम कार्यकर्ता जिन्होंने पार्टी के लिए अपनी आहुति दी, वे करोड़ों लोग जिन्होंने पार्टी को वोट देकर यहां तक पहुंचाया और मजबूत किया, उनके लिए अखिलेश का यह बयान एक दुखद समाचार है। सिर्फ सत्ता पाने के लालच में हम किस हद तक गिर सकते हैं।

अखिलेश को खुद को मजबूत करना चाहिए-

उन्होंने कहा कि अखिलेश को खुद को मजबूत करना चाहिए, मजबूक लोगों से जुड़ना चाहिए। कमजोरों से क्यों जुड़ रहे हैं वो? बसा से गठबंधन पर अखिलेश ने कहा कि इस समझौते से मुलायम बेहद आहत हुए होंगे। वैसे तो वो उसी दिन आहत हो गए थे जब उन्हें बेइज्जत करके बाहर कर दिया गया। इसका खामियाजा आज भी सपा भुगत रही है।

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