
Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर लगातार भूख हड़ताल पर बैठे देश के मशहूर समाजसेवी सोनम वांगचुक की सेहत लगातार गिरती जा रही है। इन सबके बीच सोनम वांगचुक को नेताओं, अभिनेताओं से लेकर संतों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है। अब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ करते हुए भारत सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग कर दी है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय और भारत सरकार से भावुक अपील की है कि वे वांगचुक के अनशन का बिना देरी किए संज्ञान लें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को इस बेहद संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और कोई ठोस निर्णय लेना चाहिए ताकि उनकी भूख हड़ताल को जल्द से जल्द खत्म कराया जा सके।
सोनम वांगचुक के लगातार गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शंकराचार्य ने सरकार से एक सवाल भी पूछा है। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक अनशन पर बैठने से यदि सोनम वांगचुक को भविष्य में किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक क्षति पहुंचती है तो आखिर इसकी भरपाई कौन करेगा? उनका यह बयान वांगचुक की बिगड़ती सेहत के प्रति उनकी गंभीर चिंता को दर्शाता है।
शंकराचार्य ने वांगचुक के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति और संवेदना जताते हुए कहा कि वे खुद भी अपने जीवन में कई बार उपवास कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उपवास के दौरान शरीर और मन पर क्या बीतती है इसका उन्हें पूरा और व्यक्तिगत अनुभव है। उन्होंने अंत में कहा कि अपने इन्ही अनुभवों के आधार पर हम अच्छी तरह से जानते हैं और समझ सकते हैं कि इस समय सोनम वांगचुक किस दर्द और शारीरिक कष्ट की स्थिति से गुजर रहे होंगे।
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ चल रहे इस विरोध प्रदर्शन और अनशन का आज 18वां दिन है। लगातार भूखे रहने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी है। अब सीजेपी के समर्थक और विपक्षी दल उनसे तुरंत अनशन खत्म करने की अपील कर रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक के अनशन मामले में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। अदालत वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) पर अब गुरुवार को सुनवाई करने जा रही है। पहले इस गंभीर मामले पर आज यानी बुधवार को ही कोर्ट में चर्चा होनी थी लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई को एक दिन के लिए टालना पड़ा। मामले की संवेदनशीलता और वांगचुक की गिरती तबीयत को देखते हुए कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इस जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करना बेहद जरूरी है।