लखनऊ

शिवपाल के इस बयान से सपा में मचा हड़कंप, भाजपा में खुशी की लहर

चाचा-भतीजा फिर आमने-सामने, शिवपाल के इस बयान से अखिलेश समर्थकों में मचा हड़कंप, भाजपा में खुशी की लहर

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Dec 04, 2017
Shivpal Yadav

लखनऊ. यूपी में निकाय चुनाव परिणाम के बाद ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाकर विपक्षी दल बीजेपी को घेरने में जुटे हैं। अखिलेश यादव से लेकर मायावती समेत कई दिग्गज EVM (Electronic Voting Machine) को निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत की वजह बता रहे हैं। लेकिन समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व जसवंतनगर से सपा विधायक शिवपाल यादव अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि निकाय चुनाव में हार के लिए ईवीएम नहीं पार्टी के नेता जिम्मेदार हैं।

मैनपुरी के करहल कस्बे में आयोजित निजी कार्यक्रम में पहुंचे शिवपाल यादव ने कहा कि निकाय चुनाव में हार के लिए ईवीएम नहीं, बल्कि पार्टी के नेता जिम्मेदार हैं। उन्होंने इशारों ही इशारों में पार्टी हाईकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को टिकट दिया, उन्हें हार की जिम्मेदारी लेकर जवाब देना चाहिए। सपा नेता शिवपाल यादव ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि निकाय चुनाव में ईवीएम से कोई छेड़छाड़ की गई है और न ही छेड़छाड़ के कोई सुबूत मिले हैं। ऐसे में ईवीएम से छेड़छाड़ की बात कहना गलत है।

जिन्हें मैंने समर्थन किया वे प्रत्याशी जीते : शिवपाल यादव
निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के टिकट वितरण में नजरअंदाज करने की कसक भी शिवपाल यादव के चेहरे पर दिखी। उन्होंने कहा कि यूपी के निकाय चुनाव में पार्टी मुखिया ने उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी, अगर उन्हें जिम्मेदारी दी गई होती तो पार्टी की जीत होती। अपनी बात तो और पुख्ता करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि निकाय चुनाव में मैंने जिन प्रत्याशियों का समर्थन किया, वे सभी जीते।

भाजपा की जीत पर अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल
विधानसभा चुनाव की तरह ही निकाय चुनाव में भी जीत के बाद अखिलेश यादव ने ईवीएम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। भाजाप की जीत पर सवाल खड़े करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर बैलेट पेपर से चुनाव होता तो भाजपा को मात्र 15 फीसदी वोट ही मिलते। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर जीत हासिल की है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में महापौर के पद को छोड़ दें तो जीत के मामले में समाजवादी पार्टी दूसरे नंबर पर रही है।

Published on:
04 Dec 2017 11:07 am