Crime Lucknow: लखनऊ में एक महिला ने पति और उसके दोस्तों पर नशीला पदार्थ पिलाकर अनैतिक कार्य करवाने, मारपीट करने और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता की तहरीर पर वजीरगंज पुलिस ने आरोपी पति सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
Shocking Crime in Lucknow: राजधानी लखनऊ में एक महिला ने अपने पति और उसके दोस्तों पर ऐसा घिनौना और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला आरोप लगाया है जो समाज की संवेदनाओं को झकझोर देता है। वजीरगंज थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने पति पर आरोप लगाया कि वह कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर देता था और फिर अपने दोस्तों के साथ अनैतिक कार्य करवाता था। यही नहीं, इन घटनाओं के वीडियो और फोटो भी बनाए जाते थे। विरोध करने पर उसे बेरहमी से पीटा जाता था और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती थी। महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति और उसके दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सतह पर आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस भी आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
पीड़िता ने बताया कि उसका निकाह 14 अक्टूबर 2022 को हरदोई रोड स्थित अंधे की चौकी के पास रहने वाले एक व्यापारी से हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद पति का रंग-ढंग बदलने लगा। महिला के अनुसार, पति और उसके परिवार वाले अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। जब उसने विरोध किया तो पति शराब पीकर मारपीट करता, घंटों भूखा रखता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पीड़िता ने बताया कि मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं पत्नी हूं या किसी सौदे का हिस्सा। रोज का उत्पीड़न मेरे लिए नर्क बन गया था।”
एक दिन पति घर आया और उसने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता को पिला दिया। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। बेहोशी की हालत में पति ने अपने 2–3 दोस्तों को बुलाया। पीड़िता के मुताबिक, मैं होश में आई तो कपड़े अस्त-व्यस्त थे। शरीर में दर्द था। मुझे समझ आ गया कि कुछ भयानक हुआ है। महिला का आरोप है कि उसी दौरान पति ने व उसके दोस्तों ने अश्लील वीडियो और फोटो बनाए। जब उसने इसका विरोध किया तो पति ने उसे बुरी तरह पीटा और धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
महिला ने कहा कि पति आए दिन यही कहता था तेरे पास न रहा जाए, न मरा जाए। जहां जाएगी, मैं तुझे बर्बाद कर दूंगा। उसने बताया कि पति उसकी हर गतिविधि पर नजर रखता था, मोबाइल छीन लेता था और फोन में फिंगरप्रिंट-लॉक लगाकर उसे नियंत्रण में रखता था। कई बार उसे घर से निकलने भी नहीं दिया जाता था। पीड़िता का कहना है कि वह अब डर नहीं रही। मेरे साथ जो हुआ, वह किसी बेटी के साथ न हो। मुझे इंसाफ चाहिए।
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर महिला अपने मायके चली गई। इसके बाद जो हुआ, उसने उसके होश उड़ा दिए। महिला ने बताया कि जब मैं मायके में थी, उसने हमारा मकान बेच दिया। मेरे विरोध करने पर उसने मेरी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। यह कदम पीड़िता के लिए सबसे बड़ा झटका था। उसने कहा कि इससे उसका मानसिक और सामाजिक शोषण और बढ़ गया।
पीड़िता के रिश्तेदारों का कहना है कि शुरुआत से ही पति की लाइफस्टाइल संदिग्ध थी। वह अक्सर नए दोस्तों को घर लाता। देर रात तक शराब पीता।कई महिलाओं से फोन पर बात करता और पत्नी पर शक करता था। एक रिश्तेदार ने कहा कि हमें पहले ही शक था कि वह लड़की के साथ सही व्यवहार नहीं कर रहा, पर इतनी गंदी हरकत करेगा,यह सोच भी नहीं सकते थे।”
वजीरगंज पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी पति और उसके तीन दोस्तों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
498A (दहेज प्रताड़ना),323 (मारपीट),354 (महिला की मर्यादा भंग),328 (नशीला पदार्थ देना),506 (धमकी),67 IT Act (अश्लील वीडियो बनाना/वायरल करना), थाना वजीरगंज के इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी के अनुसार, मामले की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद आरोपी पति घर से फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रही है। उसके दोस्त भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, बैंक रिकॉर्ड सहित कई एंगल पर जांच जारी है।
लखनऊ की महिला अधिकार कार्यकर्ता नीरा वर्षा सिन्हा ने कहा कि यह सामान्य आपराधिक घटना नहीं है, यह पितृसत्ता का सबसे क्रूर रूप है। महिला को वस्तु की तरह उपयोग कर उसके साथ सामूहिक शोषण करना समाज की शर्म है। उन्होंने सरकार से फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग भी की। लगातार हो रहे ऐसे केस बताते हैं कि घरेलू हिंसा कितनी गहरी है मनोवैज्ञानिक डॉक्टर सुचित्रा वर्मा का कहना है कि ऐसे मामलों में महिला लंबे समय तक ट्रॉमा में रहती है।नींद की कमी,तनाव,भय,सामाजिक बदनामी का डर,अवसाद,ये सब पीड़िता पर गहरा असर डालते हैं। उन्होंने कहा समाज को जागरूक होना पड़ेगा। महिलाओं को अकेला न छोड़ा जाए।