लखनऊ

सपा से गठबंधन पर कांग्रेस का बड़ा दांव, 150 सीटों की मांग के साथ उन सीटों पर भी दावा जहां कम अंतर से हारी SP

SP Congress Seat Sharing: यूपी में कांग्रेस गठबंधन के तहत 150 सीटों तक दावेदारी करना चाहती है। पार्टी की नजर उन विधानसभा सीटों पर भी है, जहां SP साल 2007 से अब तक कम अंतर से चुनाव हारती रही है। इसके अलावा कांग्रेस आरक्षित सीटों पर भी अपनी दावेदारी की तैयारी कर रही है।
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Oct 05, 2026
UP News
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी (ANI Photo)

SP Congress Alliance News:उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सीटों का गणित अहम होने लगा है। कांग्रेस गठबंधन में 150 सीटों तक दावेदारी करने के साथ उन विधानसभा सीटों पर भी नजर रख रही है, जहां समाजवादी पार्टी साल 2007 के बाद से कम अंतर से चुनाव हारती रही है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि इन सीटों पर कांग्रेस के चुनाव लड़ने से जीत के लिए जरूरी वोट जुटाए जा सकते हैं। इसी महीने दोनों दलों के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।

150 सीटों के साथ हारी सीटों पर दावा

जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस यूपी में गठबंधन के तहत 150 सीटों तक अपनी दावेदारी रखना चाहती है। इसके अलावा पार्टी की नजर उन विधानसभा सीटों पर भी है, जहां कम अंतर से चुनाव हारती रही है। कांग्रेस के रणनीतिकारों का तर्क है कि ऐसी सीटों पर अगर कांग्रेस चुनाव लड़ती है तो SP के लिए जीत का जो अंतर कम पड़ता रहा है, उसे पूरा करने की कोशिश की जा सकती है। पार्टी का मानना है कि इससे गठबंधन के खाते में ज्यादा सीटें आने की संभावना बनेगी।

साल 2007 से अब तक कम से कम 100 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जिन्हें SP कभी नहीं जीत सकी है। इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जहां पार्टी कुछ हजार वोटों के अंतर से चुनाव हारती रही है। कांग्रेस इन्हीं सीटों को अपनी दावेदारी के लिए अहम मान रही है।

बयानों ने बढ़ाई इंडिया गठबंधन की मुश्किल

गठबंधन और सीट बंटवारे पर बातचीत इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, बातचीत शुरू होने से लेकर सीटों पर सहमति बनने तक दोनों दलों के बीच खींचतान की स्थिति बनी रहने के संकेत हैं। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के तेवरों को लेकर भी चर्चा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद लगातार सीटों की संख्या को लेकर बयान दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी SP को पसंद नहीं आ रही है।

अखिलेश यादव का इंडिया गठबंधन की बैठक में खुद शामिल होने के बजाय सांसदों को प्रतिनिधि के तौर पर भेजना भी इसी नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। अगर दोनों दलों का नेतृत्व अपने नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण नहीं करता है तो गठबंधन की बातचीत प्रभावित हो सकती है।

आरक्षित सीटों पर भी कांग्रेस की नजर

कांग्रेस की रणनीति में यूपी की आरक्षित विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। प्रदेश में कुल 86 आरक्षित सीटें हैं। इनमें 84 सीटें अनुसूचित जाति और दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में SP अपने सिंबल पर इन आरक्षित सीटों में से 16 सीटें जीत सकी थी। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार 77 आरक्षित सीटों पर विजयी हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद दलितों के एक बड़े हिस्से का रुझान उसकी ओर बढ़ा है। इसी आधार पर पार्टी इन आरक्षित सीटों पर भी अपनी संभावनाएं तलाश रही है।

पश्चिम यूपी में कुनबा बढ़ाने की तैयारी

सीटों के बंटवारे के साथ कांग्रेस संगठन को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई पूर्व सांसदों और विधायकों के संपर्क में है। इन्हें अलग-अलग समय पर कांग्रेस में शामिल कराया जाएगा। इससे पार्टी आगामी चुनाव से पहले अपना संगठन और मजबूत करने की तैयारी में है।

Updated on:
05 Oct 2026 08:24 am
Published on:
05 Oct 2026 07:58 am