SP spokesperson Rajkumar Bhati: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण के लिए दिए गए बयान पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक कहावत है।
SP spokesperson Rajkumar Bhati: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर स्पष्टीकरण दिया है और माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके 12 मिनट के भाषण की 7 सेकंड की क्लिप निकालकर दुष्प्रचार किया जा रहा है कि वह ब्राह्मण विरोधी है। इसके लिए उन्होंने भाजपा आईटी सेल पर हमला किया। सपा प्रवक्ता ने कहा कि वह ब्राह्मण या किसी अन्य जाति, धर्म या समाज के लिए इस तरह की बातें सपने में भी नहीं सोच सकते हैं। उन्होंने एक पुस्तक विमोचन के दौरान उन्होंने अपनी बात रखी थी।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने बताया कि उनके 12 मिनट के वीडियो से 7 सेकंड की क्लिप काटी गई है, जिसके माध्यम से दुष्प्रचार किया जा रहा है कि मैंने ब्राह्मण के विषय में अपशब्द बोले हैं। इसके लिए वह बिना शर्त माफी मांग रहे हैं। मेरा इरादा ऐसा नहीं है। मैं समाजवादी विचारधारा पर चलने वाला हूं। लेकिन मेरे लिए दुर्भाग्य की इस समय भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है।
राजकुमार भाटी ने कहा कि जिसमें देश की भोली-भाली जनता भी आ जा रही है कि मैं हिंदू, ब्राह्मण और सनातन विरोधी हूं। ये तीनों आरोप गलत हैं। राजकुमार भाटी ने एक्स पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। वह ब्राह्मण जाति का बहुत ही सम्मान करते हैं। ब्राह्मण जाति में एक से एक विद्वान, राष्ट्रभक्त और वीर योद्धा पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं किसी समाज या धर्म का अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता हूं।
पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर ने दिल्ली के जवाहर भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। उनके बेटे और बहू ने 'जाति और सांप्रदायिकता का विषाणु' नाम से एक किताब लिखी है। किताब में जातियों को लेकर क्या-क्या मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें कही गई हैं, जिनका विमोचन हो रहा था। यह कार्यक्रम 5 मई को आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में योगेंद्र यादव, प्रोफेसर रतनलाल और आशुतोष भी मौजूद थे। इस मौके पर उन्हें भी बोलने का अवसर मिला और उन्होंने 12 मिनट इस संबंध में बोला, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमने जातियों को लेकर खराब मुहावरे, लोकोक्तियां और कहावतें बना रखी हैं, यह मुहावरे केवल दलितों और पिछड़ों के लिए ही नहीं, अन्य लोगों के लिए भी बनाए गए हैं; यह गलत है।
अपने भाषण में उन्होंने यादव के खिलाफ भी आ रही कहावतों का उल्लेख किया था। इसके साथ ही एक मित्र को कोट करते हुए उन्होंने ब्राह्मण और वैश्या को लेकर एक कहावत कही। इस पर उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कहावतें उन्होंने कभी नहीं कहीं हैं और यह गलत है। इन कहावतों के खिलाफ वह बोल रहे थे, समर्थन में नहीं। इस मौके पर उन्होंने महाभारत का उदाहरण दिया जिसमें 'अश्वत्थामा मारा गया' कहके धोखा दिया गया था, जबकि अश्वत्थामा हाथी मारा गया था।
ऐसे में उनके 12 मिनट के बयान को न सुनवाकर केवल 7 सेकंड की क्लिप सुनाई जा रही है और ऐसे पेश किया जा रहा है कि जैसे उन्होंने ही यह कहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह बहुत ही खराब कहावत है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से कहा है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी उन्होंने अपनी क्लिप डाल दी है। पूरी क्लिप सुनने के बाद ही मेरे प्रति कोई राय बनाएं।