अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया
लखनऊ. अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर की संविधान पीठ ने मामले में निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया है। विशेष पीठ ने कहा कि निर्मोही अखाड़े का दावा सूट लिमिटेशन से बाहर है। अदालत ने निर्मोही अखाड़ा के दावे को खारिज किया। इसके अलावा 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली शिया वक्फ बोर्ड की सिंगल लीव पिटिशन (SLP) को भी खारिज कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड में विवादित जमीन सरकारी जमीन के नाम पर दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट Live
मुख्य ढांचा इस्लामी संरचना नहीं थी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संदेह से परे है। इसके अध्ययन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
विवादित जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन थी।
बाबरी मस्जिद मीर बाकी द्वारा बनाई गई थी।
ढांचा गिराना कानून-व्यवस्था का उल्लंघन
मुसलमानों को मस्जिद के लिए दूसरी जगह मिलेगी
हिंदू बाहरी अहाते में पूजा करते थे
मुस्लिम पक्ष यह सिद्ध नहीं कर पाया कि उनके पास जमीन का मालिकाना हक था
केंद्र सरकार तीन महीने में योजना तैयार करेगी